Delhi: दिल्ली की संजय झील इन दिनों मछलियों के कब्रिस्तान में बदल गई है। भीषण गर्मी और घटते जलस्तर की वजह से झील के पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई, जिससे हजारों मछलियां मर गईं। यह घटना 21 और 22 मई, 2026 के आसपास सामने
Delhi: दिल्ली की संजय झील इन दिनों मछलियों के कब्रिस्तान में बदल गई है। भीषण गर्मी और घटते जलस्तर की वजह से झील के पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई, जिससे हजारों मछलियां मर गईं। यह घटना 21 और 22 मई, 2026 के आसपास सामने आई है, जिसने पर्यावरण और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मछलियों की मौत का मुख्य कारण क्या है?
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ती गर्मी के कारण पानी में घुली ऑक्सीजन कम हो गई। झील में जमा कचरा और जैविक पदार्थ सड़ने लगे, जिससे ऑक्सीजन की और कमी हुई। इसके अलावा, पानी का स्तर गिरने से प्रदूषक तत्व और अधिक गाढ़े हो गए। इस वजह से रोहू, तिलापिया, कार्प और गंबुसिया जैसी मछलियों की बड़ी संख्या में मौत हुई। झील के कई हिस्सों में पानी काला-हरा दिख रहा था और किनारों पर गाढ़ा कीचड़ जमा था।
DDA और दिल्ली जल बोर्ड के बीच क्या है विवाद?
इस घटना को लेकर Delhi Development Authority (DDA) और Delhi Jal Board (DJB) के बीच जिम्मेदारी का खेल चल रहा है। DDA ने कहा कि जल बोर्ड की पाइपलाइन की मरम्मत के कारण झील का जलस्तर कम हुआ है। DDA के अनुसार, कोंडली STP से उपचारित पानी लाने की जिम्मेदारी DJB की है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना कि पाइपलाइन में रिसाव हुआ था, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
प्रशासनिक कदम और NGT की चेतावनी
जिला विकास समिति के अध्यक्ष अनिल गोयल ने इस समस्या को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा है और वे जल्द ही DM और जल बोर्ड के अफसरों से बात करेंगे। गौरतलब है कि National Green Tribunal (NGT) ने 2022 में ही इस झील के प्रदूषण पर चिंता जताई थी। DPCC ने अप्रैल में कोंडली STP के पानी के नमूनों को मानकों के अनुरूप पाया था, लेकिन वर्तमान हालात प्रशासनिक तालमेल की कमी को उजागर करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय झील में किन प्रजातियों की मछलियां मरी हैं?
झील में मुख्य रूप से रोहू, तिलापिया, कार्प और गंबुसिया (मच्छर मछली) जैसी मीठे पानी की प्रजातियों की मौत हुई है।
मछलियों की मौत के लिए कौन सी एजेंसियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं?
इस मामले में DDA ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि पाइपलाइन मरम्मत के कारण झील में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।