Delhi: पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में स्थित संजय झील इन दिनों मछलियों का कब्रिस्तान बन गई है। भीषण गर्मी और पानी की भारी कमी के कारण गुरुवार को यहां सैकड़ों मछलियां मरी हुई पाई गईं। झील के हरे रंग के कुंडों में म
Delhi: पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में स्थित संजय झील इन दिनों मछलियों का कब्रिस्तान बन गई है। भीषण गर्मी और पानी की भारी कमी के कारण गुरुवार को यहां सैकड़ों मछलियां मरी हुई पाई गईं। झील के हरे रंग के कुंडों में मछलियां पेट ऊपर किए तैर रही थीं, जिन्हें बत्तखें नोंचकर खा रही थीं। इस घटना ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की नींद उड़ा दी है।
मछलियों की मौत की मुख्य वजह क्या रही?
पर्यावरण विशेषज्ञों और अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण झील का जल स्तर बहुत नीचे गिर गया है। झील में अब केवल 5 से 10 प्रतिशत पानी ही बचा है, जो गर्मी की वजह से उबल रहा है। पानी कम होने से उसमें ऑक्सीजन की कमी हो गई और प्रदूषक तत्व बढ़ गए, जिससे मछलियां दम तोड़ गईं। सफाईकर्मियों ने पिछले 72 घंटों में करीब 2 से 3 क्विंटल मृत मछलियां बाहर निकाली हैं।
DDA और दिल्ली जल बोर्ड के बीच क्यों छिड़ी जंग?
संजय झील का रखरखाव DDA करता है, लेकिन झील में पानी की सप्लाई दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की जिम्मेदारी है। DDA का कहना है कि जल बोर्ड ने समय पर उपचारित पानी नहीं भेजा, इसलिए मछलियां मरीं। दूसरी तरफ, दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि कोंडली STP से आने वाली पाइपलाइन में रिसाव और मरम्मत के काम की वजह से पिछले चार महीनों से पानी की सप्लाई प्रभावित है। इसी वजह से झील का स्तर गिरा और गर्मी ने स्थिति और बिगाड़ दी।
क्या पहले भी ऐसी चेतावनी मिली थी?
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2022 की एक रिपोर्ट में संजय झील के पास गाजीपुर लैंडफिल होने के कारण बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई थी। NGT ने अगस्त 2020 में भी DDA को प्रदूषण रोकने के निर्देश दिए थे। वहीं, IMD ने 22 मई को दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था, जिसमें अगले एक हफ्ते तक लू चलने की आशंका जताई गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजे पानी की कमी और प्रदूषण ने इस आपदा को न्योता दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संजय झील में मछलियां क्यों मरीं?
भीषण गर्मी के कारण झील में पानी का स्तर गिरकर 5-10% रह गया था। पानी गर्म होने से ऑक्सीजन की कमी हो गई और प्रदूषकों के बढ़ने से सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई।
झील में पानी की कमी के लिए कौन जिम्मेदार है?
DDA ने इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया है। जल बोर्ड के अनुसार, कोंडली STP की पाइपलाइन में रिसाव और मरम्मत कार्य के कारण पिछले चार महीनों से पानी की आपूर्ति बाधित थी।