Delhi: राजधानी के संगम विहार इलाके में शूटिंग रेंज रोड पर सीवर लाइन का काम चल रहा है, लेकिन यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। सड़क पर खुले गड्ढे और बिना बैरिकेडिंग की खाइयां राहगीरों और गाड़ी चलाने वालों के लिए मौत का
Delhi: राजधानी के संगम विहार इलाके में शूटिंग रेंज रोड पर सीवर लाइन का काम चल रहा है, लेकिन यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। सड़क पर खुले गड्ढे और बिना बैरिकेडिंग की खाइयां राहगीरों और गाड़ी चलाने वालों के लिए मौत का जाल बनी हुई हैं। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं।
संगम विहार में क्या है मौजूदा स्थिति
शूटिंग रेंज रोड पर सीवर लाइन बिछाने का काम जारी है, लेकिन यहां सुरक्षा नियमों की जमकर अनदेखी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे खुले छोड़े गए हैं, जिनके चारों तरफ कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं लगाया गया है। पैदल चलने वालों और बाइक सवारों को ऊबड़-खाबड़ और खतरनाक रास्तों से निकलना पड़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जनकपूरी हादसे और कानूनी कार्रवाई का क्या हुआ
यह लापरवाही जनकपूरी में हुए एक दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है, जहां 5 फरवरी 2026 को कमल ध्यानी नाम का एक युवक दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 9 अप्रैल 2026 को तीन लोगों के खिलाफ 877 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
- आरोपी: हिमांशु गुप्ता (KKSPUN प्राइवेट लिमिटेड के निलंबित डायरेक्टर), राजेश कुमार (सब-कॉन्ट्रैक्टर) और योगेश (मजदूर)।
- कोर्ट का फैसला: दिल्ली हाई कोर्ट ने हिमांशु और कविश गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए इसे मानवीय लापरवाही और ड्यूटी के प्रति घोर अनदेखी बताया।
- सरकार का रुख: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौत की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
सुरक्षा के लिए क्या नियम हैं और कहां हुई चूक
दिल्ली PWD ने 16 दिसंबर 2025 को आदेश दिया था कि सीवर के काम में लगे ठेकेदारों को सुरक्षा उपकरण और सेफ्टी ऑफिसर देना जरूरी है। साथ ही दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने फरवरी 2022 में गाइडलाइंस जारी की थीं कि काम के दौरान नियमित निरीक्षण हो। लेकिन संगम विहार और जनकपूरी जैसी घटनाओं से पता चलता है कि जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है।