Delhi: दक्षिण दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। साकेत से बदरपुर के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। DMRC इस प्रोजेक्ट को लागू कर रही है,
Delhi: दक्षिण दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। साकेत से बदरपुर के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। DMRC इस प्रोजेक्ट को लागू कर रही है, जिससे साकेत, संगम विहार, खानपुर, पुल प्रह्लादपुर और बदरपुर जैसे इलाकों में सफर करना आसान हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या बनेगा और कितनी लागत आएगी
इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1,471 करोड़ रुपये है। इसमें केवल एलिवेटेड रोड ही नहीं, बल्कि अंडरपास, सबवे और सड़कों का पुनर्विकास भी शामिल है। दिल्ली सरकार के PWD ने इसे मंजूरी दी है और DMRC इसकी नोडल एजेंसी है। फिलहाल इसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है, जो अगले चार महीनों में पूरा हो जाएगा।
रास्ते और दूरी का पूरा ब्यौरा क्या है
यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से मेहरौली-बदरपुर (MB) रोड के ट्रैफिक को कम करने के लिए बनाया जा रहा है। इसके तहत संगम विहार से मां आनंदमयी मार्ग तक करीब 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। वहीं, पुल प्रह्लादपुर से बदरपुर की तरफ 1.1 किलोमीटर का एक और एलिवेटेड हिस्सा बनाया जाएगा। मां आनंदमयी मार्ग और पुल प्रह्लादपुर के बीच के 1.9 किलोमीटर हिस्से को नए नियमों के तहत फिर से डिजाइन किया जाएगा।
कब तक पूरा होगा काम और क्या होगी खासियत
इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे मेट्रो के बुनियादी ढांचे के साथ जोड़कर एक एकीकृत कॉरिडोर के रूप में प्लान किया जा रहा है। इसमें डबल-डेकर सिस्टम की संभावना है, जिसमें ऊपर मेट्रो चलेगी और नीचे 6-लेन की एलिवेटेड रोड होगी। काम शुरू करने से पहले ट्रैफिक सर्वे और सड़क सुरक्षा ऑडिट जैसे जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साकेत-बदरपुर एलिवेटेड कॉरिडोर कब तक बनकर तैयार होगा
DMRC के अनुसार इस पूरी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है और कौन इसे बना रहा है
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 1,471 करोड़ रुपये है और इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।