Delhi: दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा अब और आसान हो गई है। 2 मार्च 2026 को शुरू हुए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को महिलाओं ने बहुत पसंद किया है। अप्रैल के तीसरे हफ्ते तक करी
Delhi: दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा अब और आसान हो गई है। 2 मार्च 2026 को शुरू हुए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को महिलाओं ने बहुत पसंद किया है। अप्रैल के तीसरे हफ्ते तक करीब 5.30 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे अब बसों में टिकट के लिए लंबी लाइनों से छुटकारा मिल गया है।
सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड क्या है और इसके फायदे क्या हैं?
यह कार्ड NCMC फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिसमें ‘टैप-एंड-गो’ सिस्टम काम करता है। इससे DTC और क्लस्टर बसों में यात्रा पूरी तरह मुफ्त और अनलिमिटेड है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस सुविधा से एक महिला को हर महीने 1,200 से 2,400 रुपये तक की बचत हो रही है। खास बात यह है कि इसी कार्ड को रिचार्ज कराकर दिल्ली मेट्रो और RRTS में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कार्ड बनवाने के लिए जरूरी नियम और पात्रता
- आवेदक का दिल्ली का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
- कार्ड के लिए न्यूनतम उम्र 12 वर्ष तय की गई है।
- दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड अनिवार्य दस्तावेज है।
- कार्ड बनवाने के लिए अब 58 सेंटर उपलब्ध हैं और ऑनलाइन QR कोड से भी आवेदन किया जा सकता है।
भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि बस यात्रा पूरी तरह मुफ्त और असीमित है। उन्होंने उन अफवाहों को गलत बताया जिनमें यात्रा की सीमा या बस बदलने पर अलग से शुल्क की बात कही गई थी। साथ ही, जिन महिलाओं के पास पुराने पिंक पेपर टिकट हैं, वे अगले तीन महीने तक उनका इस्तेमाल कर सकती हैं ताकि उन्हें नया स्मार्ट कार्ड बनवाने का समय मिल सके।