Delhi: दिल्ली की महिलाओं के लिए शुरू की गई सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक 5.30 लाख से ज्यादा महिलाएं इस कार्ड से जुड़ चुकी हैं और अपनी रोजमर्रा की यात्रा के लिए इसका इस्तेमाल कर रही
Delhi: दिल्ली की महिलाओं के लिए शुरू की गई सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक 5.30 लाख से ज्यादा महिलाएं इस कार्ड से जुड़ चुकी हैं और अपनी रोजमर्रा की यात्रा के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पहल से महिलाओं की आजादी और सुरक्षा बढ़ी है, साथ ही शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल रही है।
Saheli Pink Smart Card क्या है और इसके फायदे क्या हैं?
यह कार्ड दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है, जिनकी उम्र 5 साल या उससे ज्यादा है। इस कार्ड के जरिए DTC और क्लस्टर बसों में पूरी तरह फ्री और अनलिमिटेड यात्रा की जा सकती है। इसके अलावा, यह एक National Common Mobility Card (NCMC) भी है, जिसे रिचार्ज कराकर दिल्ली मेट्रो और RRTS में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
- दिल्ली का वैध आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड
- दिल्ली का निवासी होने का प्रमाण
- एक पासपोर्ट साइज फोटो (ऑनलाइन के लिए डिजिटल और ऑफलाइन के लिए फिजिकल)
- वेरिफिकेशन के लिए एक चालू मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करें और कहां बनेंगे कार्ड?
कार्ड बनवाने के लिए अब 50 की जगह 58 सेंटर काम कर रहे हैं, जहां रोजाना करीब 12,500 कार्ड बनाए जा रहे हैं। आवेदन के लिए DTC की आधिकारिक वेबसाइट या सहेली पिंक पोर्टल पर QR कोड के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट (DM), एसडीएम ऑफिस और DTC डिपो में जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य 31 मई 2026 तक सभी पात्र महिलाओं को यह कार्ड देना है।