Delhi: रोहिणी सेक्टर-13 के वेंकटेश्वर स्कूल में शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने छापा मारा। इस जांच में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। स्कूल पर डोनेशन लेने और खातों में गड़बड़ी करने के भी
Delhi: रोहिणी सेक्टर-13 के वेंकटेश्वर स्कूल में शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने छापा मारा। इस जांच में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। स्कूल पर डोनेशन लेने और खातों में गड़बड़ी करने के भी आरोप लगे हैं, जिसके बाद अब दिल्ली सरकार शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों की जांच करने की तैयारी में है।
स्कूल में क्या-क्या कमियां मिलीं
जांच टीम ने पाया कि स्कूल के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं था। स्कूल के स्विमिंग पूल के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला और वहां गहराई बताने वाले निशान और ऑक्सीजन सिलेंडर की भी कमी थी। इसके अलावा, बेसमेंट के करीब 18 कमरों का इस्तेमाल लैब, रोबोटिक्स और डांस क्लास के लिए किया जा रहा था, जो MCD और CBSE के नियमों के खिलाफ है।
पेरेंट्स से डोनेशन और पैसों की गड़बड़ी का मामला
स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि एडमिशन के बदले पेरेंट्स से डोनेशन लिया गया और उन्हें परेशान किया गया। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि इस संस्थान को मुनाफे के लिए चलाया जा रहा है। सरकार अब इन आरोपों की गहराई से जांच के लिए स्पेशल ऑडिट कराएगी ताकि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों का पता लगाया जा सके।
दिल्ली सरकार अब क्या एक्शन लेगी
मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों की जांच होगी। अगर किसी स्कूल में भारी अनियमितताएं मिलीं, तो सरकार उसकी जमीन का लीज कैंसिल कर सकती है या स्कूल को अपने कब्जे में ले सकती है। इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की टीम बनाई गई है जो पिछले तीन साल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रोहिणी के स्कूल में किन नियमों का उल्लंघन हुआ है?
स्कूल में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं था, स्विमिंग पूल के नियम टूटे थे और बेसमेंट में क्लासरूम चलाकर MCD और CBSE के नियमों का उल्लंघन किया गया था।
दिल्ली सरकार अन्य प्राइवेट स्कूलों के लिए क्या योजना बना रही है?
सरकार सभी प्राइवेट स्कूलों की जांच करेगी और वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर लीज रद्द करने या स्कूल को टेकओवर करने पर विचार कर रही है।