Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा के निशान मिटते जा रहे हैं। खासकर द्वारका और उत्तम नगर जैसे इलाकों में ज़ेबरा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर की सफेद लकीरें पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। इसकी वजह से सड़क पार करने वाले पै
Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा के निशान मिटते जा रहे हैं। खासकर द्वारका और उत्तम नगर जैसे इलाकों में ज़ेबरा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर की सफेद लकीरें पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। इसकी वजह से सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों और गाड़ी चलाने वालों, दोनों को काफी दिक्कत हो रही है और हादसों का डर बढ़ गया है।
सड़क निशानों के गायब होने से क्या है खतरा
यातायात पुलिस के नियमों के मुताबिक सड़क पर ये निशान होना जरूरी है ताकि ड्राइवर को पता चले कि कहां रुकना है और कहां गति धीमी करनी है। रात के समय जब रोशनी कम होती है, तब ये गायब निशान और भी खतरनाक साबित होते हैं। इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के नियमों के अनुसार सड़क संकेतों की समय-सीमा 10 साल होती है, लेकिन कई जगहों पर इनकी अनदेखी की जा रही है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
सरकार और प्रशासन की तैयारी क्या है
दिल्ली सरकार ने 2030 तक सड़क हादसों को 50% तक कम करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 2025-2030 का रोड सेफ्टी वर्क प्लान बनाया जा रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य कदम भी उठाए गए हैं:
- लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने लगभग 1,400 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण की योजना बताई है।
- दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए ‘प्रोजेक्ट संगम’ शुरू किया है।
- NDMC लुटियंस जोन में पुराने हरे साइनबोर्ड हटाकर नए रिफ्लेक्टिव नीले बोर्ड लगा रही है।
ट्रैफिक नियमों को लेकर क्या हुए नए बदलाव
एक तरफ बुनियादी ढांचे की कमी है, तो दूसरी तरफ नियमों को सख्त किया जा रहा है। 12 अप्रैल 2026 के अपडेट के अनुसार, अब चालान न भरने पर PUC, FASTag और बीमा रिन्यू कराने में दिक्कत आ सकती है। साथ ही, अगर किसी व्यक्ति के साल में 5 चालान कटते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।