Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों को साफ रखने वाले सफाईकर्मियों की हालत बहुत खराब है। Indian Express की एक जांच में पता चला है कि मशीनों के होने के बावजूद मजदूरों को बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। एक सफाईकर्मी ने
Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कों को साफ रखने वाले सफाईकर्मियों की हालत बहुत खराब है। Indian Express की एक जांच में पता चला है कि मशीनों के होने के बावजूद मजदूरों को बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। एक सफाईकर्मी ने बताया कि काम खत्म कर घर पहुंचने पर उसे ऐसा लगता है जैसे वह बेहोश हो गया हो। शहर में मशीनों की कमी और खराब सिस्टम की वजह से प्रदूषण और गंदगी की समस्या बनी हुई है।
सफाई मशीनों की क्या है स्थिति और कितनी है कमी
दिल्ली में सड़कों की सफाई के लिए Mechanical Road Sweeping Machines (MRSMs) का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है। केंद्र सरकार ने 505 मशीनों की सलाह दी थी, जबकि MCD के पास केवल 52 जियो-टैग वाली मशीनें हैं। इसका मतलब है कि जरूरत से 80% कम मशीनें मौजूद हैं। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, शहर की केवल 23.31% सड़कों पर ही इन मशीनों से सफाई हो पाई। कई मशीनें 8 साल पुरानी हो चुकी हैं और अक्सर खराब रहती हैं।
सफाईकर्मियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है
मशीनों के बावजूद सफाईकर्मियों को पैदल चलकर कचरा हटाना पड़ता है ताकि मशीनें जाम न हों। इन मजदूरों के पास सुरक्षा के लिए कोई खास सामान नहीं होता और वे प्रदूषण के बीच सिर्फ कपड़े का मास्क पहनकर काम करते हैं। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, मुआवजे और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। कई मजदूरों ने अस्थिर कमाई और नौकरी के लिए रिश्वत मांगे जाने जैसी शिकायतें भी की हैं।
सरकार और MCD अब क्या कदम उठाएंगे
MCD अक्टूबर 2026 तक अपनी फ्लीट में कम से कम 70 नई मशीनें जोड़ने की योजना बना रहा है। इसके लिए अप्रैल में टेंडर निकाले जा चुके हैं। अब नई मशीनों में IoT सिस्टम होगा जिससे उनकी लोकेशन और काम का हिसाब रखा जा सकेगा। साथ ही, एक पब्लिक ऐप भी लाया जाएगा जिससे लोग सफाई वाहनों को ट्रैक कर सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाईकर्मियों की भर्ती, नियमितीकरण और वेतन से जुड़ी समस्याओं को जल्द सुलझाने का भरोसा दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में सफाई मशीनों की कितनी कमी है?
केंद्र सरकार ने 505 मशीनों की सिफारिश की थी, लेकिन MCD के पास केवल 52 जियो-टैग मशीनें हैं, जो लगभग 80% की भारी कमी को दर्शाता है।
MCD नई मशीनों के लिए क्या योजना बना रहा है?
MCD अक्टूबर 2026 तक 70 नई MRSM मशीनें जोड़ेगा और रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए एक पब्लिक ऐप और IoT सिस्टम शुरू करेगा।