Delhi: विरोध प्रदर्शन में घायल हुई 21 साल की छात्रा की हालत में सुधार, RML अस्पताल से मिली अपडेट
Delhi: राजधानी के RML अस्पताल में भर्ती 21 साल की छात्रा साक्षी की सेहत में अब सुधार दिख रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई इस युवती को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद सांस ले रही है। अस्पताल के डॉक्टरों
Delhi: राजधानी के RML अस्पताल में भर्ती 21 साल की छात्रा साक्षी की सेहत में अब सुधार दिख रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई इस युवती को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद सांस ले रही है। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक वह होश में है और पूछे गए सवालों का सही जवाब दे रही है।
साक्षी के दिमाग और रीढ़ की हड्डी का MRI स्कैन किया गया, जिसकी रिपोर्ट नॉर्मल आई है। RML अस्पताल ने एक हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि इलाज शुरू होने के बाद से उसकी स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। फिलहाल वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और उसे जरूरी मेडिकल केयर दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 21 जुलाई 2026 तक वह इस घटना से जुड़ी इकलौती मरीज थी जो अस्पताल में भर्ती थी।
यह पूरा मामला 17 जुलाई 2026 को Cockroach Janata Party (CJP) द्वारा आयोजित एक विरोध मार्च से जुड़ा है। यह प्रदर्शन NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों को लेकर था और इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और Delhi Police के बीच झड़प हुई, जिसमें आंसू गैस के गोले छोड़े गए। भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने के कारण साक्षी को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत (asphyxia) हुई और उसे ICU में भर्ती करना पड़ा था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े नेताओं ने अस्पताल जाकर मरीज का हाल जाना। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने 18 जुलाई को अस्पताल का दौरा किया। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अस्पताल जाकर स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा 21 जुलाई को AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी साक्षी से मुलाकात की। पुलिस ने इस हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक छह FIR दर्ज की हैं।