Delhi की एक कॉलोनी ने पेश की मिसाल, 8 साल में प्रोसेस किया 10 लाख किलो कचरा

Delhi: राजधानी दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों से निपटने के लिए एक रिहायशी कॉलोनी ने कमाल का रास्ता निकाला है। यहाँ के लोगों ने मिलकर पिछले 8 सालों में करीब 10 लाख किलो कचरे को प्रोसेस किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद यह देखना थ

Delhi: राजधानी दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों से निपटने के लिए एक रिहायशी कॉलोनी ने कमाल का रास्ता निकाला है। यहाँ के लोगों ने मिलकर पिछले 8 सालों में करीब 10 लाख किलो कचरे को प्रोसेस किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद यह देखना था कि क्या एक कॉलोनी अपने कचरे का प्रबंधन खुद कर सकती है ताकि उसे शहर के लैंडफिल में न भेजना पड़े।

यह जीरो-वेस्ट प्रोजेक्ट औपचारिक रूप से साल 2019 में शुरू किया गया था। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए कॉलोनी के निवासियों ने कड़े नियमों का पालन किया। सभी घरों के लिए यह जरूरी था कि वे गीला, सूखा और खतरनाक कचरा अलग-अलग डिब्बों में रखें ताकि उसे सही तरीके से प्रोसेस किया जा सके।

इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च कॉलोनी की Residents’ Welfare Association (RWA) के मेंटेनेंस फंड से निकाला गया। प्रोजेक्ट से जुड़े मखीजा ने बताया कि हर घर से 1,200 रुपये मेंटेनेंस के तौर पर लिए जाते हैं। करीब 95 प्रतिशत निवासी पूरे साल की रकम एडवांस में दे देते हैं, जिससे बजट बनाने और काम चलाने में आसानी रहती है।

Indian Express के लेखक मिशाल मुसद्दीक ने इस पहल को दिल्ली के ओवरफ्लो होते लैंडफिल की समस्या के बीच एक जरूरी सबक बताया है। यह मॉडल दिखाता है कि अगर लोग जागरूक हों और RWA साथ दे, तो कचरे की समस्या को स्थानीय स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है।