Delhi: दिल्ली सरकार आने वाली गर्मियों में पानी की भारी कमी से बचने के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से अतिरिक्त यमुना जल की मांग की है। दिल्ली सरकार इसके बदले में बुनियादी ढांचे को सुध
Delhi: दिल्ली सरकार आने वाली गर्मियों में पानी की भारी कमी से बचने के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से अतिरिक्त यमुना जल की मांग की है। दिल्ली सरकार इसके बदले में बुनियादी ढांचे को सुधारने में मदद करने या भुगतान करने के लिए भी तैयार है। फिलहाल इस पूरे मामले की समीक्षा Upper Yamuna River Board (UYRB) कर रहा है।
दिल्ली को कितने पानी की जरूरत है और क्या है योजना
दिल्ली के जल मंत्री Parvesh Verma ने बताया कि शहर की कुल पानी की जरूरत लगभग 1,200 Million Gallons per Day (MGD) है, लेकिन फिलहाल केवल 1,000 MGD की सप्लाई मिल पा रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली ने 100 cusecs अतिरिक्त पानी की मांग की है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने प्रस्ताव दिया है कि वे हरियाणा में स्थित Delhi Sub-Branch (DSB) और Carrier Line Channel (CLC) की मरम्मत और आधुनिकीकरण कर सकते हैं, ताकि पानी का रिसाव कम हो और सप्लाई बेहतर हो सके।
हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के साथ क्या है स्थिति
हिमाचल प्रदेश के साथ दिल्ली का पहले से एक समझौता (MoU) है, जिसके तहत वहां के बिना इस्तेमाल किए गए यमुना जल का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश ने संकेत दिया है कि उनके पास सरप्लस पानी उम्मीद से कम हो सकता है। वहीं, 31 मार्च 2026 को दिल्ली सरकार ने ‘Summer Action Plan 2026-27’ भी शुरू किया है, जिसमें हरियाणा के साथ कच्चे पानी की सप्लाई पर बातचीत जारी रखने की बात कही गई है।
पानी के बंटवारे के नियम और बोर्ड की भूमिका
यमुना जल का बंटवारा 1994 के समझौते (MoU) के तहत होता है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इस पूरे सिस्टम को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी Upper Yamuna River Board (UYRB) की है, जो जल शक्ति मंत्रालय के तहत काम करता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले निर्देश दिया था कि पानी की मांग से जुड़े तकनीकी मुद्दों को UYRB के जरिए ही सुलझाया जाए। अप्रैल में इस विषय पर एक और बैठक होने की उम्मीद है।