Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित लोक कल्याण मार्ग पर करीब 100 एकड़ की प्राइम जमीन को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली रेस क्लब के बीच कानूनी जंग छिड़ी हुई है। मोदी सरकार इस जमीन को सार्वजनिक मकसद के लिए लेना चाहती है, जब
Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित लोक कल्याण मार्ग पर करीब 100 एकड़ की प्राइम जमीन को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली रेस क्लब के बीच कानूनी जंग छिड़ी हुई है। मोदी सरकार इस जमीन को सार्वजनिक मकसद के लिए लेना चाहती है, जबकि 100 साल पुराना यह क्लब अपनी जमीन बचाने के लिए कोर्ट की शरण में है। इस विवाद का असर इलाके के कई अन्य संस्थानों और वहां रहने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
केंद्र सरकार और दिल्ली रेस क्लब के बीच क्या है विवाद
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने दिल्ली रेस क्लब को 53.4 एकड़ जमीन 15 दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस भेजा था। सरकार का कहना है कि यह जमीन सार्वजनिक उद्देश्य और विकास के लिए चाहिए। वहीं, क्लब के सचिव कर्नल एस.के. बक्शी (रिटायर्ड) ने चिंता जताई है कि इससे घोड़ों के रहने की जगह छिन जाएगी और करीब 5,000 लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
कोर्ट ने इस मामले में अब तक क्या कहा
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में कई बार सुनवाई की है। पहले कोर्ट ने जबरन कब्जा रोकने के लिए अंतरिम सुरक्षा दी थी। बाद में 11 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने अदालत में यह भरोसा दिलाया कि वह बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए क्लब को बेदखल नहीं करेगी। कोर्ट ने सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिससे फिलहाल क्लब को राहत मिली है लेकिन कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
किसे-किसे मिला बेदखली का नोटिस
- दिल्ली रेस क्लब: 53.4 एकड़ जमीन खाली करने का नोटिस मिला।
- इंडियन पोलो एसोसिएशन: जयपुर पोलो ग्राउंड की 15 एकड़ जमीन के लिए नोटिस मिला, जो अब सरकार से बात कर रहे हैं।
- दिल्ली जिमखाना क्लब: 27 एकड़ जमीन 5 जून तक खाली करने का आदेश मिला।
- झुग्गी निवासी: लोक कल्याण मार्ग के पास तीन झुग्गी समूहों को फरवरी 2026 में नोटिस मिला और उन्हें सावदा घेवरा में घर देने की बात कही गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
केंद्र सरकार दिल्ली रेस क्लब की जमीन क्यों लेना चाहती है
भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने बेदखली नोटिस में ‘योजना और विकास’ तथा ‘सार्वजनिक उद्देश्य’ का हवाला दिया है, हालांकि विशिष्ट विवरण साझा नहीं किए गए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को क्या निर्देश दिए हैं
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन लेते समय उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और बिना प्रक्रिया के बेदखली नहीं की जा सकती।