Delhi: दिल्ली के कुतुब मीनार और महरौली इलाके में आज यानी 12 अप्रैल को घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. बैसाखी के मौके पर भारी भीड़ और वाहनों की आवाजाही की उम्मीद को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
Delhi: दिल्ली के कुतुब मीनार और महरौली इलाके में आज यानी 12 अप्रैल को घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. बैसाखी के मौके पर भारी भीड़ और वाहनों की आवाजाही की उम्मीद को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. इस दौरान कुतुब मीनार के आसपास के कई रास्तों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी और यात्रियों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने को कहा गया है.
किन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध और कहां से होगा डायवर्जन?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कुतुब मीनार और डीडीए महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क के आसपास यातायात को विनियमित किया जाएगा. फूल मंडी, मस्जिद हाजी अली जान और कालका दास मार्ग से कुतुब मीनार की ओर जाने वाले भारी और कमर्शियल वाहनों पर पूरी तरह रोक रहेगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इस दौरान अनुव्रत मार्ग, क्रेसेंट रोड और कालका दास मार्ग पर जाने से बचें. कुतुब मीनार तक पहुंचने के लिए केवल कालका दास मार्ग का ही उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी.
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश और पार्किंग के नियम
यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्त नियम लागू किए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
- पार्किंग पर रोक: अनुव्रत मार्ग, क्रेसेंट रोड और कालका दास मार्ग जैसी प्रभावित सड़कों पर रुकने या पार्किंग की अनुमति नहीं है. नियम तोड़ने वाले वाहनों को तुरंत टो कर लिया जाएगा.
- वैकल्पिक मार्ग: यात्रियों को देरी से बचने के लिए औरोबिंदो मार्ग और अन्य उपलब्ध गलियारों का उपयोग करने की सलाह दी गई है.
- सार्वजनिक परिवहन: भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए लोगों को दिल्ली मेट्रो (DMRC) जैसी सार्वजनिक सेवाओं का अधिक उपयोग करने को कहा गया है.
- आपातकालीन वाहन: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के वाहनों को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, वे बिना किसी रोक के इन मार्गों से गुजर सकेंगे.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई है ताकि बैसाखी के कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो.