Delhi: दिल्ली के लोगों को अब सड़कों पर घंटों फंसने से राहत मिल सकती है। Public Works Department (PWD) शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एक बड़ा प्लान बना रहा है। इसके तहत करीब 150 किलोमीटर नए रोड इ
Delhi: दिल्ली के लोगों को अब सड़कों पर घंटों फंसने से राहत मिल सकती है। Public Works Department (PWD) शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एक बड़ा प्लान बना रहा है। इसके तहत करीब 150 किलोमीटर नए रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम होगा, जिसमें फ्लाईओवर और अंडरपास शामिल हैं।
किन इलाकों में बनेगा नया रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और क्या है प्लान?
PWD ने शहर के उन पॉइंट्स को चुना है जहां सबसे ज्यादा जाम लगता है। इसमें ITO, रिंग रोड, पहाड़गंज के पास देशबंधु गुप्ता रोड से अजमेरी गेट, शादीपुर डिपो और IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के पास NSG इंटरसेक्शन जैसे इलाके शामिल हैं।
- ननकसर गुरुद्वारा टी-पॉइंट से दिल्ली-यूपी बॉर्डर (ट्रोनिका सिटी) तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा।
- शिवाजी मार्ग पर जखीरा से करमपुरा तक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव है।
- किरारी में दिल्ली-रोहतक लाइन के ऊपर रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
- नजफगढ़ के फिरनी रोड से NH-48 कपसहेरा तक 20 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा।
जाम कम करने के लिए कौन से प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है?
PWD मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि शहर के 62 ट्रैफिक हॉटस्पॉट की पहचान की गई है और 18 जगहों के लिए DPR तैयार की जा रही है। कुछ प्रोजेक्ट्स लगभग पूरे हो चुके हैं, जैसे मुकरबा चौक का अंडरपास 98% पूरा हो गया है, जिससे सफर का समय 10 मिनट कम होगा और सालाना 58,000 लीटर ईंधन बचेगा।
| प्रोजेक्ट का नाम |
स्थिति/विवरण |
| जनकपूरी-पंख रोड फ्लाईओवर |
फंडिंग मंजूर हो चुकी है |
| जखीरा और सीलमपुर फ्लाईओवर |
मरम्मत का काम शुरू होगा |
| अरोबिंदो मार्ग (INA से महरौली) |
7 किमी सिग्नल-फ्री कॉरिडोर की योजना |
| रिंग रोड (महात्मा गांधी मार्ग) |
55 किमी के लिए स्टडी चल रही है |
आम जनता के लिए क्या होंगे फायदे और नियम क्या हैं?
सरकार का लक्ष्य सड़कों को सुरक्षित बनाना और जलभराव की समस्या को खत्म करना है। PWD मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी डिजाइन Indian Roads Congress के मानकों के हिसाब से हों। साथ ही, ट्रैफिक में रुकावट न हो, इसलिए बड़े निर्माण कार्य रात के समय किए जाएंगे। जाम की समस्या सुलझाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।