Delhi में विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा सख्त, CRPF की 20 और कंपनियां तैनात

Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार रात को CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजने का आदेश दिया। ये जवान पश्चिम बंगाल के को

Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार रात को CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजने का आदेश दिया। ये जवान पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एयरलिफ्ट करके लाए जा रहे हैं।

इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की मदद के लिए CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की करीब 30 कंपनियां भेज चुकी थी। अब नई तैनाती के बाद कुल केंद्रीय बलों की संख्या लगभग 50 कंपनियों तक पहुंच गई है। हाल के दिनों में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद यह फैसला लिया गया है।

सुरक्षा के लिहाज से जंतर मंतर के बाहर पांच लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है। पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत बिना अनुमति के पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने या प्रदर्शन करने पर रोक है। केवल अधिकृत लोग ही जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।

ये प्रदर्शन मुख्य रूप से Cockroach Janta Party (CJP) और अन्य समूहों द्वारा किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनशन ने भी इस मुद्दे को गरमाया हुआ है। 20 जुलाई को संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ था, जिसके बाद ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान काफी टकराव देखने को मिला।

सोशल मीडिया पर सेना की तैनाती को लेकर चल रही खबरों पर भारतीय सेना की फैक्ट चेक यूनिट ने सफाई दी है। सेना ने साफ किया कि प्रदर्शनों को संभालने के लिए केवल दिल्ली पुलिस, CAPF और RAF के जवान तैनात हैं, इसमें सेना का कोई रोल नहीं है।