Delhi में J&K को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए प्रदर्शन, Omar Abdullah बोले- यह तो बस शुरुआत है

Delhi: जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार, 20 जुलाई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया गया, जिसमें National Confe

Delhi: जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार, 20 जुलाई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित किया गया, जिसमें National Conference (NC) और Congress के नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा वापस देने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जाए।

National Conference ने इस प्रदर्शन की तैयारी 3 जून 2026 को ही कर ली थी। हालांकि, प्रशासन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद नेता और कार्यकर्ता पृथ्वीराज रोड पर जमा हुए। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने साफ कहा था कि अनुमति मिले या न मिले, प्रदर्शन जरूर होगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका गया, लेकिन उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यह उनके हक की लड़ाई की बस शुरुआत है।

NC अध्यक्ष Farooq Abdullah ने कहा कि यह प्रदर्शन मोदी सरकार को उनके उस वादे की याद दिलाने के लिए था, जो उन्होंने संसद, सुप्रीम कोर्ट और जम्मू-कश्मीर की जनता से किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार लोगों की इच्छा का सम्मान करेगी और लद्दाख के मुद्दों को भी सुलझाएगी। वहीं, उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि चुनाव के बाद भी वादा पूरा न होने के कारण लोगों को दिल्ली आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

इस प्रदर्शन में INDIA गठबंधन के दलों को भी बुलाया गया था और कांग्रेस ने इसमें साथ दिया। हालांकि, Peoples Democratic Party (PDP) ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। PDP अध्यक्ष Mehbooba Mufti ने कहा कि वे तभी साथ आते जब अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी पर लगे बैन को हटाने की मांग भी एजेंडे में होती।

दूसरी तरफ, BJP नेताओं ने इस प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट बताया। उनका कहना है कि अब्दुल्ला सरकार अपनी शासन विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रही है। गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने और सितंबर 2024 तक चुनाव कराने का निर्देश दिया था। केंद्र सरकार का कहना है कि उचित समय आने पर राज्य का दर्जा वापस दे दिया जाएगा।