Delhi में बिजली की मांग ने तोड़ा अब तक का रिकॉर्ड, 8,748 MW तक पहुंचा लोड; 9,000 MW पार होने की संभावना
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार, 29 जून 2026 को दोपहर 3:17 बजे शहर की पीक पावर डिमांड 8,748 मेगावाट (MW) दर्ज की गई। यह अब तक का सब
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार, 29 जून 2026 को दोपहर 3:17 बजे शहर की पीक पावर डिमांड 8,748 मेगावाट (MW) दर्ज की गई। यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है, जिसने 19 जून 2024 के 8,656 MW के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
शहर में तापमान का असर इतना ज्यादा था कि ‘फील्स लाइक’ तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, जिसकी वजह से घरों और दफ्तरों में AC का इस्तेमाल बढ़ गया। बिजली कंपनियों के मुताबिक, घरेलू और कमर्शियल बिजली खपत में 30 से 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले एयर कंडीशनिंग का होता है। State Load Dispatch Centre (SLDC) का अनुमान है कि इस गर्मी के मौसम में मांग 9,000 MW के आंकड़े को भी पार कर सकती है।
दिल्ली के बिजली मंत्री Ashish Sood ने बताया कि सरकार के पावर मास्टर प्लान और ग्रिड को आधुनिक बनाने के निवेश की वजह से इस भारी मांग के बावजूद कोई बड़ा ब्रेकडाउन या इंफ्रास्ट्रक्चर फेलियर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने रिकॉर्ड मांग को सफलतापूर्वक पूरा करके एक इतिहास बनाया है। BSES और Tata Power जैसे डिस्कॉम ने अपनी तैयारी पूरी रखी है, जिसमें AI और Machine Learning के जरिए मांग का अनुमान लगाया जा रहा है और दूसरे राज्यों के साथ बैंकिंग अरेंजमेंट किए गए हैं।
दिल्ली के पावर ग्रिड में अब ग्रीन एनर्जी का भी बड़ा हिस्सा शामिल है। ग्रिड में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्रो और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से लगभग 2,670 MW ग्रीन पावर जोड़ा गया है। मांग में होने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।