Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से लड़ने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इंडियन एक्सप्रेस की एक ताजा पड़ताल में सामने आया है कि शहर में सफाई के नाम पर ‘VIP कल्चर’ चल रहा है। इस
Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से लड़ने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इंडियन एक्सप्रेस की एक ताजा पड़ताल में सामने आया है कि शहर में सफाई के नाम पर ‘VIP कल्चर’ चल रहा है। इसका मतलब है कि कुछ खास और वीआईपी रास्तों को तो चमकाया जाता है, लेकिन आम जनता जिन रास्तों से गुजरती है, वहां धूल और गंदगी का अंबार लगा रहता है।
सफाई अभियान में क्या है बड़ी लापरवाही
जांच में पता चला है कि दिल्ली की सड़कों पर धूल एक बड़ी समस्या है, लेकिन इससे निपटने के लिए जरूरी मशीनों की भारी कमी है। मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 15 रूट ही ऐसे थे जहां सक्रिय रूप से सफाई की जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन सर्दियों में प्रदूषण को राजनीतिक मुद्दा मानकर सफाई तेज करता है, जबकि गर्मियों में धूल का स्तर सबसे ज्यादा होता है, तब अधिकारी सुस्त नजर आते हैं। सफाई कर्मचारियों को भी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के जहरीली हवा में काम करना पड़ रहा है।
GRAP स्टेज 1 लागू और सरकार के कड़े कदम
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 208 तक पहुंचने के बाद CAQM ने 20 मई 2026 को दिल्ली-एनसीआर में GRAP स्टेज 1 लागू कर दिया है। इसके तहत कई पाबंदियां लगाई गई हैं:
- होटलों और रेस्तरां में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक।
- आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध।
- सड़कों की मशीनीकृत सफाई और नियमित पानी का छिड़काव।
- पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट और NGT के नियमों का सख्ती से पालन।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि प्रदूषण रोकने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान तेज किया गया है, जिसके तहत अब तक 3052 निरीक्षण किए गए हैं। वहीं पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी कि GRAP स्टेज IV के नियमों को तोड़ने वाले 612 उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में GRAP स्टेज 1 क्यों लागू किया गया है
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 208 तक पहुंच गया था, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में माना जाता है। इसी कारण CAQM ने 20 मई 2026 को GRAP स्टेज 1 लागू किया।
इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में सफाई को लेकर क्या खुलासा हुआ
पड़ताल में सामने आया कि दिल्ली में केवल चुनिंदा वीआईपी रास्तों की सफाई होती है और मशीनों की संख्या जरूरत से बहुत कम है। धूल की समस्या साल भर रहती है, लेकिन प्रशासन केवल सर्दियों में सक्रिय होता है।