Delhi में CJP प्रोटेस्ट हिंसा के आरोपियों की तलाश में AI कैमरों का सहारा, 10 FIR दर्ज
Delhi: राजधानी दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस अब हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस AI कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जिन्हो
Delhi: राजधानी दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस अब हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस AI कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जिन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और सरकारी गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया। इस हिंसा को लेकर अब तक 10 FIR दर्ज की जा चुकी हैं और कई पुलिस थानों में जांच चल रही है।
इस टकराव में 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस अब CCTV, मोबाइल फोन, ड्रोन और बॉडी कैमरों के करीब 250 वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जो भी लोग हिंसा में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने साफ किया कि CJP को संसद की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजीव रंजन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। इस बीच, 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए करीब 70 प्रदर्शनकारियों को 22 जुलाई को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। जांच टीम यह देख रही है कि क्या हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी और क्या व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल लोगों को भड़काने के लिए किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए AI बॉट्स के इस्तेमाल और बाहरी संपर्कों की जांच की बात भी सामने आई है।
हिंसा के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जंतर-मंतर पर अभी भी 1,000 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे हैं। CJP ने सरकार के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है और इसके लिए किसी तटस्थ जगह पर चर्चा का प्रस्ताव रखा है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना और उनके काम की तारीफ की।