Delhi में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान बवाल, पुलिस की तैयारी पड़ी कम, हजारों प्रदर्शनकारी पहुंचे
Delhi: राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान भारी हंगामा हुआ। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और धारा 163 लागू थी, लेकिन हजा
Delhi: राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान भारी हंगामा हुआ। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और धारा 163 लागू थी, लेकिन हजारों की संख्या में छात्र और युवा संसद की तरफ बढ़ गए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि करीब 3,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद पुलिस स्थिति को संभालने में नाकाम रही।
यह विरोध प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुआ, जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में भी बाधा आई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे, जिससे 118 पुलिसकर्मी घायल हुए और 70 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं दूसरी तरफ, RML अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ के सिर में चोटें आई थीं।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था और पांच मेट्रो स्टेशन बंद रखे थे, जिससे आम यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस बीच, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET परीक्षा की अनियमितताओं पर सुधार है। CJP के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और NEET अभ्यर्थियों को मुआवजा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले में पुलिस से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी गाइडलाइन्स के पालन पर जवाब मांगा है।