Delhi: Jantar Mantar विरोध प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों से मिले स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव, 100 से ज्यादा जवान जख्मी

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों का हाल जानने के लिए स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती जवानों से बातचीत

Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों का हाल जानने के लिए स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती जवानों से बातचीत की और उनका ढांढस बंधाया। यह घटना तब हुई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी तनाव बढ़ गया था।

जानकारी के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 से अब तक इस विरोध प्रदर्शन में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। 22 जुलाई को भी स्थिति काफी बिगड़ गई थी, जब हजारों की संख्या में Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थक जंतर मंतर और संसद मार्ग पर जमा हो गए थे। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को दो आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। इसी बीच कनॉट प्लेस में कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें बरसाईं, जिसमें एसीपी विवेक भगत भी घायल हो गए।

यह पूरा विवाद NEET 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में लद्दाखी एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, राहुल गांधी और शरद पवार जैसे बड़े नाम भी शामिल हुए हैं।

इस हंगामे का सीधा असर दिल्ली की आम जनता पर पड़ रहा है। 23 जुलाई को सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को बंद करना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को मार्च के दौरान पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘अत्यधिक बल’ पर जवाब मांगा है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं और प्रदर्शन को रोकने के लिए एनएसए (NSA) के तहत हिरासत की शक्तियां भी ली हैं।