Delhi में CJP मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच अब Special Cell और Crime Branch करेगी, 10 FIR दर्ज
Delhi: राजधानी दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और झड़पों का मामला अब गंभीर हो गया है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना से जुड़ी 10 FIR की जांच स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच
Delhi: राजधानी दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और झड़पों का मामला अब गंभीर हो गया है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना से जुड़ी 10 FIR की जांच स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ बाहरी तत्वों या असामाजिक लोगों ने घुसकर हिंसा भड़काई थी।
यह पूरा विवाद 20 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था जब CJP के समर्थक संसद की तरफ मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक उस दिन धारा 144 लागू थी और चेतावनी के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटे, जिसके बाद टकराव हुआ। 22 जुलाई की शाम को फिर से हिंसा हुई जिसमें एक ACP घायल हो गए। पुलिस ने गुरुवार को CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था।
इस मामले में पुलिस ने काफी सख्त कानूनी धाराएं लगाई हैं। दंगों, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले के आरोप में केस दर्ज किए गए हैं। इसमें Arms Act और PDPP Act जैसी धाराओं का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं भी लगाई गई हैं और जांच आगे बढ़ने पर हत्या के प्रयास (धारा 109(1) BNS) का मामला भी जोड़ा जा सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल दर्ज FIR | 10 |
| घायल पुलिसकर्मी | 118 से ज्यादा |
| घायल प्रदर्शनकारी | करीब 60 |
| नुकसान हुई गाड़ियां | 15 से 20 सरकारी वाहन |
| ब्लॉक किए गए सोशल मीडिया हैंडल | 480 (पाकिस्तान स्थित) |
| मुख्य मांग | शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा |
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं थे, जिनकी पहचान जांची जा रही है। जांच के लिए ड्रोन वीडियो, बॉडी-कैम फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान के करीब 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है क्योंकि वे भ्रामक खबरें फैला रहे थे। पुलिस ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें 7 प्रदर्शनकारियों की मौत की बात कही गई थी।
दूसरी तरफ, CJP के नेताओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, महिलाओं और बच्चों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। CJP नेताओं ने साफ किया है कि जब तक NEET परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा।