Delhi के Mehrauli में व्यक्ति की मौत पर बवाल, पुलिस ने नकारा कस्टोडियल टॉर्चर के आरोप, Vigilance जांच शुरू
Delhi: महरौली इलाके में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस पर लगे प्रताड़ना के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में टॉर्चर की वजह से नहीं ह
Delhi: महरौली इलाके में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस पर लगे प्रताड़ना के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में टॉर्चर की वजह से नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं।
पूरा मामला 14 जुलाई 2026 का है, जब महरौली इलाके में तीन लोग नशे की हालत में पाए गए थे। इनमें मृतक का भाई भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के लिए केवल मृतक के भाई और एक अन्य व्यक्ति को थाने ले जाया गया था। मृतक व्यक्ति को न तो पुलिस हिरासत में लिया गया और न ही उसे थाने लाया गया था। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि मृतक टीबी (Tuberculosis) से पीड़ित था।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने पुलिस पर मारपीट और कस्टोडियल टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए थे। 18 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मौत की असली वजह क्या थी, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को एक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि हिरासत में होने वाली मौतों के लिए राज्य जिम्मेदार होगा, चाहे वह आत्महत्या ही क्यों न हो। साथ ही NHRC की गाइडलाइंस के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान होने वाली मौतों की मजिस्ट्रियल जांच जरूरी होती है और आपराधिक कृत्यों के लिए FIR दर्ज कर CBCID से जांच कराई जाती है।