Delhi में छात्रों पर पैलेट गन चलाने का दावा निकला झूठ, PIB और दिल्ली पुलिस ने किया खंडन
Delhi: सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा था कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग की है। इस दावे के साथ कुछ वीडियो भी शेयर किए गए थे जिनमें घायल लोगों को दिखाया गया था। अब दिल्ली पुलिस
Delhi: सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा था कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग की है। इस दावे के साथ कुछ वीडियो भी शेयर किए गए थे जिनमें घायल लोगों को दिखाया गया था। अब दिल्ली पुलिस और भारत सरकार की फैक्ट चेक यूनिट PIB ने इस खबर को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
यह पूरा मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो मार्च’ से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक और CBSE की मार्किंग में गड़बड़ी के विरोध में शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 20 जुलाई 2026 को जब प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़ रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इसी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरें फैल गईं, जिन्हें पुलिस ने ‘फेक न्यूज’ करार दिया है।
झड़पों के दौरान काफी लोग घायल हुए थे। करीब 60 प्रदर्शनकारियों और 118 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। घायलों को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ लोगों के फ्रैक्चर और सिर व आंखों में चोटें आईं।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमाया रहा। 21 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की। इस दौरान राहुल गांधी को हिरासत में भी लिया गया। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पतालों में जाकर घायल प्रदर्शनकारियों का हाल जाना। दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा बल प्रयोग के खिलाफ एक PIL दाखिल की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया। CJP के नेता अभिजीत दीपके अभी भी जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखे हुए हैं और सोनम वांगचुक ने भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।