Delhi: दिल्ली पुलिस की साउथ-ईस्ट जिला टीम ने ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी करने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। ‘Operation Cy Hawk’ के तहत पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें क
Delhi: दिल्ली पुलिस की साउथ-ईस्ट जिला टीम ने ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी करने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। ‘Operation Cy Hawk’ के तहत पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कंपनी के अंदर के लोग और चोरी का माल खरीदने वाला व्यक्ति शामिल है। इस कार्रवाई में करीब 6.5 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी बरामद हुई है।
कैसे करते थे Flipkart वेंडर्स के साथ धोखाधड़ी
यह पूरा मामला Wercatalist Pvt. Ltd. की शिकायत के बाद सामने आया, जो Flipkart के लिए लॉजिस्टिक्स पार्टनर है। आरोपी गैंग फर्जी तरीके से हाई-वैल्यू पिकअप ऑर्डर बनाता था। वे वेंडर्स से असली सामान उठा लेते थे, लेकिन उसे वेयरहाउस पहुँचाने से पहले ही ऑर्डर कैंसिल कर देते थे। इसके बाद पार्सल से कीमती ज्वेलरी निकालकर उसे दोबारा पैक कर देते थे और खाली या बदला हुआ पार्सल जमा कर देते थे।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुआ बरामद
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में अर्पित कश्यप और आकाश राठौर (पिकअप स्टाफ), मोहित कुमार (टेम्पो ड्राइवर) और अनमोल पोद्दार शामिल हैं। अनमोल पोद्दार ने बिना किसी बिल या वेरिफिकेशन के चोरी की ज्वेलरी खरीदी थी। पुलिस ने इनके पास से लगभग 6.5 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी बरामद की है।
क्या है Operation Cy Hawk और पुलिस की रणनीति
Operation Cy Hawk दिल्ली पुलिस के साउथ-ईस्ट जिले की एक स्पेशल एंटी-साइबर फ्रॉड पहल है। इसके तहत पुलिस ने मोबाइल फोन डेटा, पार्सल मूवमेंट लॉग, रूट शीट और वेंडर पोर्टल की बारीकी से जांच की। इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद साइबर ठगों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना और लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Operation Cy Hawk क्या है?
यह दिल्ली पुलिस के साउथ-ईस्ट जिले द्वारा चलाया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी को रोकना और डिजिटल अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना है।
गैंग ने धोखाधड़ी के लिए कौन सा तरीका अपनाया था?
आरोपी लोग फर्जी पिकअप ऑर्डर बनाकर वेंडर्स से सामान लेते थे और वेयरहाउस भेजने से पहले ज्वेलरी चोरी कर पार्सल को दोबारा पैक कर देते थे।