Delhi में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस ले सकती है पुलिस, 2022 वाला फॉर्मूला होगा लागू

Delhi: संसद के पास हुए प्रदर्शनों के मामले में फंसे लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली पुलिस उन FIR को वापस लेने पर विचार कर रही है जो हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज की गई थीं। इसके लिए पुलिस 2022 में अपनाए गए तर

Delhi: संसद के पास हुए प्रदर्शनों के मामले में फंसे लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली पुलिस उन FIR को वापस लेने पर विचार कर रही है जो हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज की गई थीं। इसके लिए पुलिस 2022 में अपनाए गए तरीके यानी ‘2022 फॉर्मूला’ को दोबारा लागू कर सकती है।

केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री JP Nadda ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ऐलान किया था कि सरकार इन FIR को हटाने के लिए सहमत है और मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दे देगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह सक्षम अधिकारी से आधिकारिक दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार कर रही है, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

साल 2022 में जब किसान आंदोलन के दौरान केस दर्ज हुए थे, तब दिल्ली पुलिस, तत्कालीन AAP सरकार और LG ने मिलकर एक प्रक्रिया बनाई थी। उस समय पुलिस ने 17 केस वापस लेने का प्रस्ताव रखा था, जिसे दिल्ली के गृह मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय और अंत में LG ने मंजूरी दी थी। अब इसी तरह की प्रक्रिया को फिर से अपनाया जा सकता है।

पुलिस इस मामले में कानूनी राय भी ले रही है और एक विकल्प यह भी है कि दिल्ली हाई कोर्ट जाकर इन केसों को खत्म करने की मांग की जाए। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने भी बेगुनाह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को तुरंत हटाने की बात कही है ताकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

भले ही कई FIR वापस ले ली जाएं, लेकिन 20 जुलाई को हुई हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश की जांच जारी रहेगी। पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अब तक न्यू दिल्ली जिले के अलग-अलग थानों में 15 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप हैं। पुलिस ने साफ किया है कि जिन छात्रों या लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें फिलहाल जांच से बाहर रखा जा सकता है, लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से ज्यादा लोगों की पहचान की जा चुकी है।