Delhi: दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर और उनके एक साथी को CBI ने गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से नकली दवा बनाने के मामले में जांच को अपने पक्ष में करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रि
Delhi: दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर और उनके एक साथी को CBI ने गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से नकली दवा बनाने के मामले में जांच को अपने पक्ष में करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। CBI ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया जिसमें दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया और उनके पास से 24.70 लाख रुपये कैश बरामद हुए।
रिश्वत की डील और गिरफ्तारी का पूरा मामला क्या है?
CBI ने 8 जून 2026 को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और बिचौलिए राजकुमार को पकड़ा। यह मामला पुडुचेरी के कारोबारी एन. राजा से जुड़ा है, जो नकली दवा निर्माण के केस में फंसे थे। आरोप है कि जांच को प्रभावित करने के लिए 3 करोड़ रुपये की बात तय हुई थी, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये एडवांस मांगे गए थे। एन. राजा ने हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये का इंतजाम किया था, जिसमें से 50 लाख रुपये एक अन्य बिचौलिए प्रभात को दिए गए और 25 लाख रुपये इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने अपने ऑफिस में रखे थे।
जांच में और कौन लोग शामिल हैं और क्या हुई कार्रवाई?
इस मामले में DGCA के एक सीनियर रीजनल डायरेक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कहा जा रहा है कि इस अधिकारी ने जांच को अनुकूल बनाने का भरोसा दिया था और रिश्वत मांगी थी। 10 जून 2026 को एक स्पेशल CBI कोर्ट ने इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और राजकुमार को एक दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7A, 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया है।
CBI अब आगे क्या जांच करेगी?
CBI अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच शुरुआती दौर में है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी ताकि इस रिश्वत नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। एजेंसी अब पैसों के लेनदेन के सबूत जुटाने और डिजिटल डेटा की जांच करने में लगी है। प्रदीप सिंह के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनके क्लाइंट को गलत तरीके से फंसाया गया है और उन्होंने कोई रिश्वत नहीं मांगी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितनी रिश्वत की मांग की गई थी और कितना पैसा बरामद हुआ?
जांच को प्रभावित करने के लिए कुल 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। CBI के ट्रैप ऑपरेशन के दौरान आरोपियों से 24.70 लाख रुपये कैश बरामद किए गए।
इस मामले में किन अधिकारियों और लोगों के नाम सामने आए हैं?
मुख्य रूप से क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और बिचौलिए राजकुमार गिरफ्तार हुए हैं। इसके अलावा कारोबारी एन. राजा, बिचौलिए प्रभात और DGCA के एक सीनियर रीजनल डायरेक्टर की भूमिका की जांच चल रही है।