Delhi में छात्र प्रदर्शन के बीच घुसे 2,873 अपराधी, Jantar Mantar हिंसा में भूमिका की जांच कर रही पुलिस
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ हो रहे छात्र प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग शामिल पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने अपनी आधुनिक तकनीक और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ हो रहे छात्र प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग शामिल पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने अपनी आधुनिक तकनीक और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए ऐसे 2,873 लोगों की पहचान की है जिनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन लोगों ने जानबूझकर प्रदर्शन में शामिल होकर हिंसा भड़काने का काम किया था।
पुलिस के मुताबिक, यह पहचान प्रक्रिया 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 के बीच चली। जांच में सामने आया कि इनमें से 989 लोग बेहद गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। इनमें हत्या, Attempt to Murder, लूट और बलात्कार जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ अपराधी बार-बार प्रदर्शन स्थल पर आते-जाते देखे गए, जिससे साजिश का शक गहरा गया है।
| अपराध का प्रकार | व्यक्तियों की संख्या |
|---|---|
| कुल आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग | 2,873 |
| गंभीर अपराधों में शामिल | 989 |
| हत्या (Murder) | 101 |
| हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) | 62 |
| लूट/डकैती (Robbery/Dacoity) | 284 |
| बलात्कार (Rape) | 61 |
| POCSO एक्ट के तहत अपराध | 6 |
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हुई हिंसा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के मामले में अब तक 15 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। एक FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत हत्या के प्रयास की धारा भी लगाई गई है। पुलिस ने एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर FRS तैनात किया था, जो सीधे उनके डेटाबेस से जुड़ा है। इससे पुलिस को रीयल-टाइम में वांछित अपराधियों और आदतन अपराधियों को पकड़ने में मदद मिली।
साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस CCTV, मोबाइल, ड्रोन और बॉडी कैमरा के करीब 250 वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है। इस बीच, छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित सख्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई 2026 को याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। गौरतलब है कि परीक्षा अनियमितताओं की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।