Delhi Police ने पेपर लीक रोकने के लिए बनाई स्पेशल टास्क फोर्स, UPSC और SSC समेत कई परीक्षाओं की होगी जांच

Delhi: पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने अपने क्राइम ब्रांच के अंदर एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। यह टीम अब सरकारी परीक्षाओं में होने

Delhi: पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने अपने क्राइम ब्रांच के अंदर एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। यह टीम अब सरकारी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों की गहराई से जांच करेगी।

यह फैसला शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को लिया गया। हाल ही में NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और उसके बाद हुए हंगामे के बीच यह कदम उठाया गया है। इस STF का मुख्य मकसद जांच प्रक्रिया को पेशेवर बनाना और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है।

यह स्पेशल टास्क फोर्स ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ के तहत काम करेगी। इस कानून के मुताबिक पेपर लीक जैसे अपराध अब गैर-जमानती होंगे और इसमें 3 से 10 साल तक की जेल और संगठित अपराध के मामले में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। पुलिस कमिश्नर की मंजूरी के बाद इस यूनिट को बनाया गया है, जिसका नेतृत्व क्राइम ब्रांच के एक DCP करेंगे।

STF के दायरे में UPSC, SSC और NTA जैसी बड़ी संस्थाओं की परीक्षाएं आएंगी। इसके अलावा रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs), IBPS और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच भी इसी टीम के जिम्मे होगी। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) इस पूरी टीम के कामकाज की निगरानी करेंगे।

जांच के साथ-साथ सजा दिलाने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था, जिसके तुरंत बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक के मामलों के लिए एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट तय कर दिया है। दिल्ली पुलिस की यह STF अभियोजन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि अदालतों में सुनवाई हर दिन हो सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

इसी बीच, NEET-UG 2026 विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अपने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है और अब आउटसोर्सिंग मॉडल में बदलाव करने पर विचार कर रही है।