Delhi के जंतर-मंतर पर लगे चेहरे पहचानने वाले कैमरे, पुलिस डेटाबेस से होगा लाइव स्कैन

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वाली चार मशीनें लगाई हैं। ये कैमरे सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़े हैं, जिससे वहां आने वाले

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वाली चार मशीनें लगाई हैं। ये कैमरे सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़े हैं, जिससे वहां आने वाले लोगों का लाइव स्कैन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इसका मकसद आम लोगों पर नजर रखना नहीं, बल्कि अपराधियों को पकड़ना है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इन मशीनों का इस्तेमाल उन लोगों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है जो पुराने आपराधिक मामलों में वांछित हैं या फरार चल रहे हैं। ये कैमरे जंतर-मंतर के मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि वे केवल आदतन अपराधियों और संदिग्धों को ट्रैक करना चाहते हैं ताकि प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था न बिगड़े।

निगरानी के लिए पुलिस ने दो खास गाड़ियां भी तैनात की हैं। इसमें एक ‘मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल व्हीकल’ है जो सीसीटीवी फीड की जांच करता है और दूसरा ‘इकशणा’ (Ikshana) नाम का वैन है। इस वैन में आठ फिक्स्ड कैमरे लगे हैं जो 360 डिग्री व्यू देते हैं। यह सिस्टम चेहरे पहचानने के साथ-साथ गाड़ियों की नंबर प्लेट भी पढ़ सकता है। इसे बेंगलुरु की कंपनी Intozi ने बनाया था और G20 समिट के समय भी इसका इस्तेमाल हुआ था।

इस कदम को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन और कॉकरोच जनता पार्टी जैसे समूहों ने प्राइवेसी यानी निजता के हनन का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस कानूनी ढांचे के ऐसी निगरानी करना गलत है। यह मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच चुका है, जहां एक जनहित याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी है कि फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी केवल पब्लिक सेफ्टी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही है। हालांकि, इन रिकॉर्डिंग्स को कब तक डिलीट किया जाएगा, इस पर कोई तय समय सीमा नहीं बताई गई है। फिलहाल 15 अगस्त के कार्यक्रमों और बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं।