Delhi में छात्र प्रदर्शन के दौरान गोली लगने की खबर निकली गलत, पुलिस ने MLC रिपोर्ट के आधार पर किया खारिज

Delhi: राजधानी के सेंट्रल दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने अब इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस ने स

Delhi: राजधानी के सेंट्रल दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। दिल्ली पुलिस ने अब इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस ने साफ किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में गोली लगने का कोई सबूत नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि प्रदर्शनकारी की MLC रिपोर्ट में दाहिने कान के पास एक चोट दर्ज है, जिसे डॉक्टर ने ‘ब्लंट इंजरी’ यानी किसी भारी चीज से लगी साधारण चोट बताया है। डॉक्टर की राय के मुताबिक यह एक मामूली चोट है और इसमें गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला है। इसी बीच राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी 29 जुलाई को पुष्टि की कि ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कोई गोली नहीं चलाई गई थी।

इस मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक प्रदर्शनकारी नूतन ने दावा किया था कि उन्हें गोली लगी है और RML अस्पताल की डिस्चार्ज समरी में भी इसका जिक्र था, लेकिन पुलिस की MLC रिपोर्ट इससे अलग है। वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और प्रणीत शिंदे ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। राहुल गांधी ने भी इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।

पुलिस ने इस घटना के बाद X (ट्विटर) को एक शिकायत भी भेजी है। इसमें संवैधानिक अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट हटाने की मांग की गई है। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर कर लें।

दूसरी तरफ, दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है। यह मामला प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बल प्रयोग की शिकायत की रसीद न देने से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले इस मामले में याचिका सुनने से मना किया था, हालांकि हाल ही में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया है।