Delhi के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए खाना रोकने का आरोप, दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया गलत

Delhi: जंतर मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP संगठन के बीच दिल्ली पुलिस के साथ विवाद बढ़ गया है। CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने वाले खाने और मदद की सप्लाई को

Delhi: जंतर मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP संगठन के बीच दिल्ली पुलिस के साथ विवाद बढ़ गया है। CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने वाले खाने और मदद की सप्लाई को रोक रही है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने X पर एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया। इसमें दावा किया गया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से करीब 5 किलोमीटर दूर चेकपोस्ट बनाए हैं और वहां प्रदर्शन की ओर जा रहे छात्रों को रोका जा रहा है। आरोप यह भी है कि पुलिस ने पास के रेस्टोरेंट्स को चेतावनी दी है कि वे प्रदर्शन स्थल के लिए खाने के ऑर्डर तैयार न करें।

दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने फूड डिलीवरी सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। साउथ ईस्ट दिल्ली के DCP रवि कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मियों ने किसी को खाना ले जाने से नहीं रोका। उन्होंने बताया कि कुछ लड़कों को सिर्फ रूटीन चेकिंग और पहचान सत्यापन के लिए रोका गया था और जब तक उनकी पहचान जांची जा रही थी, तब तक पुलिस को यह नहीं पता था कि खाना प्रदर्शनकारियों के लिए है।

पुलिस ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही फूड डिलीवरी ऐप्स के बैन की खबरें झूठी हैं। हालांकि, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में ऐप-आधारित सेवाओं की आवाजाही पर ट्रैफिक प्रतिबंध लगाने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने को कहा है।