Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में दो लापता नाबालिग लड़कियों को ढूंढ निकाला है। पुलिस ने इन लड़कियों को सुरक्षित बचाकर उनके परिवारों को सौंप दिया है। पु
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में दो लापता नाबालिग लड़कियों को ढूंढ निकाला है। पुलिस ने इन लड़कियों को सुरक्षित बचाकर उनके परिवारों को सौंप दिया है। पुलिस ने बताया कि इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
दोनों लड़कियां कैसे और कहां से मिलीं?
पहले मामले में 16 साल की एक लड़की 11 जनवरी 2026 से लापता थी, जिसकी रिपोर्ट वजीराबाद थाने में दर्ज थी। जांच में पता चला कि वह अपने पिता की शराब की लत और घर के झगड़ों से परेशान होकर निकली थी, जिसे उसकी मौसी के घर से बरामद किया गया। दूसरे मामले में 15 साल की लड़की 2 अक्टूबर 2024 से लापता थी, जिसकी रिपोर्ट बुद्ध विहार थाने में दर्ज थी। वह एक लड़के के संपर्क में आने के बाद अपनी मर्जी से घर गई थी, जिसे पुलिस ने हैदरपुर के पास रिठाला गांव से खोज निकाला।
बचाव अभियान में किन अधिकारियों की रही भूमिका?
इन ऑपरेशनों को एसीपी सुरेश कुमार की देखरेख में अंजाम दिया गया। पहले मामले की रिकवरी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा और महिला कांस्टेबल दीपिका की टीम ने की। पुलिस ने इन लड़कियों को खोजने के लिए तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच का सहारा लिया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनकी टीम बच्चों को असुरक्षित स्थितियों से बाहर निकालने के लिए हमेशा सतर्क और समर्पित है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लापता लड़कियां किन इलाकों से बरामद हुई हैं?
एक लड़की को उसकी मौसी के घर से और दूसरी लड़की को हैदरपुर के पास रिठाला गांव से बरामद किया गया है।
इन मामलों में पुलिस ने कौन सी कानूनी धारा लगाई है?
दोनों ही मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।