Delhi: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बवाल, सांसद M.K. Raghavan ने मांगी न्यायिक जांच
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई अब संसद तक पहुंच गई है। कोझिकोड के सांसद M.K. Raghavan ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की ह
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई अब संसद तक पहुंच गई है। कोझिकोड के सांसद M.K. Raghavan ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की है कि छात्रों पर हुए इस crackdown की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
यह पूरा मामला 20 जुलाई 2026 को हुआ था, जब दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। इस घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और 25 जुलाई को पुलिस की कथित ज्यादतियों से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। कोर्ट ने पहले ही कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और इस संबंध में गाइडलाइन्स बनाने पर विचार किया जा रहा है।
प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के आरोप भी लगे हैं। 19 साल के साहिल लोचाब की आंख में पेलेट गन की गोली लगने से चोट आई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है, लेकिन CRPF के अधिकारी अब मीडिया रिपोर्ट्स की जांच कर रहे हैं। इससे पहले सितंबर 2025 में भी लाल किले के पास केरल के दो छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिस पर सांसद राघवन ने चिंता जताई थी।
दूसरी तरफ, Cockroach Janta Party (CJP) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में भी छात्रों की हिरासत को लेकर चिंता जताई है। CJP का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहले भरोसा दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी अब पुलिस बर्बरता के सबूतों को इकट्ठा करने के लिए एक वेबसाइट बनाने की योजना बना रही है ताकि कानूनी लड़ाई लड़ी जा सके।