Delhi में बच्चों की तस्करी का बड़ा रैकेट खुलासा, 23 गिरफ्तार और 9 नवजात बच्चे बचाए गए
Delhi: दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे बच्चों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 9 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। पुलिस की जांच
Delhi: दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे बच्चों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 9 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उन गरीब माता-पिता को निशाना बनाता था जो मजबूरी में बच्चे बेच देते थे और उन जोड़ों को ढूंढता था जिन्हें बेटा चाहिए था।
इस पूरे खेल का खुलासा 5 जून 2026 को एक डमी ऑपरेशन के जरिए हुआ था। पुलिस ने हाल ही में 10 जुलाई और 11 जुलाई के बीच 8 से 10 और लोगों को गिरफ्तार किया है। इस रैकेट की मुख्य आरोपी डॉ. विवेकी कपूर हैं, जिन्होंने दिल्ली में एक अस्पताल चलाया और उसे तस्करी के लिए इस्तेमाल किया। उनके पति डॉ. हीरा कपूर फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच में लाखों रुपये के लेन-देन का पता चला है और जैविक माता-पिता के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि यह एक संगठित नेटवर्क था जो गरीब माता-पिता से बच्चे लेकर दूसरे राज्यों के निसंतान जोड़ों को मोटी रकम में बेचता था। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मामले में IVF या सरोगेसी का कोई एंगल नहीं मिला है, बल्कि यह सीधे तौर पर बच्चों की खरीद-फरोख्त का मामला है। रेस्क्यू किए गए सभी 9 बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया है, जहां से उनकी देखभाल और पुनर्वास के निर्देश दिए गए हैं।
इस गिरोह का जाल दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और हरियाणा तक फैला हुआ था। पुलिस ने कई खरीदारों और बिचौलियों को पकड़ा है, जिनमें ऋषिकेश, मथुरा और हरिद्वार के लोग शामिल हैं। कई मामलों में केवल बेटा होने की चाहत में कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया को छोड़कर इन बच्चों को खरीदा गया।
| नाम/भूमिका | स्थान/विवरण | लेन-देन/जानकारी |
|---|---|---|
| केतकी गुप्ता (खरीदार) | ऋषिकेश | करीब 4 लाख रुपये में बेटा खरीदा |
| राम प्रकाश निषाद (खरीदार) | मथुरा | एक लड़का खरीदा |
| आभा और अमित प्रताप सिंह (खरीदार) | हरिद्वार | करीब 5 लाख रुपये में बेटा खरीदा |
| गरिमा और सतीश जैन (खरीदार) | दिल्ली | 8 लाख रुपये का भुगतान किया |
| ज्योति और शंकर गामर | गुड़गांव/बिचौलिये | बच्चों की डील कराने वाले |
| सुगनाबेन और कांतिभाई गामर | गुजरात (विक्रेता) | जैविक माता-पिता जिन्होंने बच्चा बेचा |