Delhi में बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, अस्पताल संचालिका समेत 13 गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और पांच मासूम बच्चों को बचाया है। यह गिरोह पिछले करीब डेढ़ साल से सक्रिय

Delhi: दिल्ली पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और पांच मासूम बच्चों को बचाया है। यह गिरोह पिछले करीब डेढ़ साल से सक्रिय था और दिल्ली के साथ-साथ कई अन्य राज्यों में अपना जाल फैलाए हुए था।

पुलिस को इस गिरोह की खबर तब मिली जब 5 जून को पहाड़गंज के RK Ashram मेट्रो स्टेशन के पास एक जाल बिछाया गया। वहां तीन आरोपी एक नवजात बच्चे को बेचने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और दिल्ली के बेगमपुर इलाके में स्थित Heera Multi Speciality Hospital की संचालिका डॉ. विवेकी (Viveki Kapoor) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक डॉ. विवेकी इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड थीं।

यह गिरोह बहुत ही शातिराना तरीके से काम करता था। अस्पताल का इस्तेमाल बच्चों को रखने, खरीदारों को खोजने और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र या मेडिकल दस्तावेज बनाने के लिए किया जाता था ताकि अवैध गोद लेने की प्रक्रिया को कानूनी दिखाया जा सके। पुलिस ने इस मामले में अस्पताल से जुड़ी लैब टेक्नीशियन प्रतिभा, ड्राइवर विपिन और गुरुग्राम की एक घरेलू सहायिका ओमवती को भी गिरफ्तार किया है।

डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि यह गिरोह लड़कियों को करीब 1 लाख रुपये और लड़कों को 2 लाख रुपये में खरीदता था। बाद में लड़कियों को 3 से 4 लाख और लड़कों को 6 से 8 लाख रुपये में बेचा जाता था। कुछ मामलों में यह सौदा 9 लाख रुपये तक भी गया। पुलिस ने उन तीन जोड़ों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने इस गिरोह से बच्चे खरीदे थे। ये खरीदार ग्वालियर और पानीपत जैसे शहरों से ताल्लुक रखते हैं।

पुलिस ने अब तक 5 दिन से लेकर 4 महीने तक के पांच बच्चों (चार लड़के और एक लड़की) को बचाया है, जिन्हें सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है। इन बच्चों को अब Child Welfare Committee (CWC) के सामने पेश किया जाएगा। पहाड़गंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Juvenile Justice Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस अस्पताल की गड़बड़ियों को लेकर Delhi Medical Council से संपर्क करने की तैयारी में है।