Delhi Police ने पकड़ा फर्जी सरकारी आईडी बनाने वाला गैंग, Bihar और Daman के 2 लोग गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऑनलाइन फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाकर बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिदेसी साव और संतोष कुमार शाम

Delhi: दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऑनलाइन फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाकर बेच रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बिदेसी साव और संतोष कुमार शामिल हैं। यह गैंग इंटरनेट के जरिए लोगों को नकली आधार कार्ड, पैन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागज मुहैया करा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, ये लोग bkprint.in नाम की वेबसाइट चला रहे थे। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन पेमेंट करके अपनी पसंद का फर्जी दस्तावेज बनवा सकता था। डीसीपी (IFSO) विनीत कुमार ने बताया कि यह गैंग आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार कर रहा था। ये कागज दिखने में बिल्कुल असली सरकारी रिकॉर्ड जैसे थे, जिससे आम लोगों को धोखा देना आसान था।

पकड़े गए आरोपियों में बिदेसी साव दमन और दीव का रहने वाला है। वह वेबसाइट चलाने, UPI के जरिए पेमेंट लेने और फर्जी दस्तावेजों की सप्लाई का काम संभालता था। वहीं, बिहार के पटना का रहने वाला संतोष कुमार इस पूरे खेल का तकनीकी दिमाग था। उसने bkprint.in और bkprint.xyz वेबसाइट डिजाइन की थीं और डेटाबेस व होस्टिंग का पूरा मैनेजमेंट देखा था।

जांच में यह बात सामने आई कि फर्जी आधार कार्ड पर दिए गए QR कोड सरकारी डेटाबेस से नहीं जुड़े थे, उनमें सिर्फ मैन्युअल जानकारी भरी गई थी। पुलिस ने इसे एक गंभीर साइबर अपराध माना है क्योंकि इन फर्जी कागजों का इस्तेमाल पहचान चोरी, धोखाधड़ी और गलत तरीके से असली सरकारी दस्तावेज हासिल करने के लिए किया जा सकता था। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उन ग्राहकों की तलाश कर रही है जिन्होंने ये फर्जी आईडी खरीदी थीं।