Delhi: दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइ हॉक’ के तहत एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी कर विक्रेताओं को चूना लगा रहा था। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह
Delhi: दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइ हॉक’ के तहत एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी कर विक्रेताओं को चूना लगा रहा था। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खास तौर पर ई-कॉमर्स वेंडर्स को निशाना बनाकर उनके सामान की चोरी करता था।
कैसे करते थे धोखाधड़ी और कौन हुए गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तीन कंपनी के अंदरूनी कर्मचारी थे। इनमें पिकअप स्टाफ अर्पित कश्यप और आकाश राठौर के साथ टेम्पो ड्राइवर मोहित कुमार शामिल हैं। इनके अलावा अनमोल पोद्दार नाम के एक व्यक्ति को भी पकड़ा गया है, जो चोरी का सामान खरीदता था। ये लोग महंगी ज्वेलरी के ऑर्डर लेते थे, वेंडर्स से असली सामान उठाते थे और फिर वेयरहाउस पहुंचाने से पहले ऑर्डर कैंसिल कर देते थे। इसके बाद पार्सल खोलकर कीमती सामान निकाल लिया जाता था और खाली डिब्बों को दोबारा पैक कर वेयरहाउस में जमा कर दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस कार्रवाई और बरामद सामान
दक्षिण-पूर्वी जिले की ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 6.5 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी बरामद की है। इस मामले में वेरकैटलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड (Wercatalist Pvt. Ltd.) ने शिकायत दर्ज कराई थी, जो फ्लिपकार्ट के लिए लॉजिस्टिक्स पार्टनर का काम करती है। पुलिस ने ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत FIR संख्या 326/2026 दर्ज की है।
ऑपरेशन साइ हॉक की पिछली कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की यह विशेष एंटी-साइबर धोखाधड़ी पहल काफी समय से चल रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में इस ऑपरेशन के तहत 900 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं अप्रैल 2026 में ‘साइ हॉक 4.0’ के जरिए 600 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल सबूतों, मोबाइल रिकॉर्ड और पार्सल मूवमेंट लॉग की बारीकी से जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑपरेशन साइ हॉक क्या है?
यह दिल्ली पुलिस की एक विशेष एंटी-साइबर धोखाधड़ी पहल है, जिसके जरिए ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम करने वाले गिरोहों को पकड़ा जाता है।
इस मामले में कौन सी कंपनी ने शिकायत की थी?
इस मामले में फ्लिपकार्ट की लॉजिस्टिक्स पार्टनर कंपनी वेरकैटलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड (Wercatalist Pvt. Ltd.) ने शिकायत दर्ज कराई थी।