Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़े जासूसी और आतंकी नेटवर्क को पकड़ा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब के पढ़े-लिखे युवाओं को पैसों का लालच देकर भारत के खिलाफ जासूसी करवा रही थी। पुलिस ने इस मामले में
Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़े जासूसी और आतंकी नेटवर्क को पकड़ा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब के पढ़े-लिखे युवाओं को पैसों का लालच देकर भारत के खिलाफ जासूसी करवा रही थी। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली और पंजाब से कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 9 लोग पंजाब के रहने वाले हैं।
ISI जासूसी के लिए कैसे काम कर रहा था यह नेटवर्क?
पकड़े गए आरोपी सोशल मीडिया और प्रतिबंधित संगठन BKI के जरिए पाकिस्तान के संपर्क में थे। वे एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस को पता न चले। ISI अब केवल अनपढ़ लोगों को नहीं, बल्कि MBA पास और तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं को टारगेट कर रही है। ये लोग सैन्य ठिकानों की निगरानी के लिए सिम कार्ड वाले सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाते थे, जिनका लाइव फुटेज सीधे पाकिस्तान भेजा जाता था।
कहाँ-कहाँ लगाए गए थे जासूसी कैमरे और क्या हुआ बरामद?
जांच में पता चला कि राजस्थान और पंजाब के नौ सैन्य ठिकानों पर कैमरे लगाए जा चुके थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
| बरामद सामान |
संख्या/विवरण |
| सोलर सीसीटीवी कैमरे |
9 नग |
| विदेशी पिस्तौल (PX5) |
3 नग |
| देसी पिस्तौल |
1 नग |
| जिंदा कारतूस |
24 नग |
| डिजिटल डेटा |
फोटो, वीडियो और लोकेशन |
किन शहरों में फैला था यह जासूसी जाल?
यह नेटवर्क केवल एक जगह नहीं बल्कि कई राज्यों में सक्रिय था। जासूसी के लिए इन इलाकों को चुना गया था:
- पंजाब: कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला और मोगा
- हरियाणा: अंबाला
- राजस्थान: बीकानेर और अलवर
- जम्मू-कश्मीर: कठुआ
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक, यह मॉड्यूल हथियारों की तस्करी और आतंकी फंडिंग में भी शामिल था। हवाला और UPI के जरिए पैसों का लेन-देन किया जा रहा था। इस नेटवर्क के पकड़े जाने से देश में होने वाले संभावित ग्रेनेड हमलों और बड़ी आतंकी साजिशों को नाकाम कर दिया गया है।