Delhi में NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन पर रोक, संसद मार्ग पर बिना अनुमति जुटेंगे तो होगी जेल

Delhi: दिल्ली पुलिस ने NEET पेपर लीक मामले में होने वाले विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए संसद मार्ग इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने 22 अगस्त 2026 तक इस क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी तरह की सभा, धरना या जुलूस नि

Delhi: दिल्ली पुलिस ने NEET पेपर लीक मामले में होने वाले विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए संसद मार्ग इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने 22 अगस्त 2026 तक इस क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी तरह की सभा, धरना या जुलूस निकालने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है, जिसके बाद अब पांच या उससे ज्यादा लोगों का एक जगह इकट्ठा होना मना है।

यह पाबंदी ऐसे समय में आई है जब 20 जुलाई 2026 से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा ने साफ किया है कि किसी भी मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च निकालने का आह्वान किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। वहीं, आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस पाबंदी के बावजूद मार्च में शामिल होने की बात कही है।

सुरक्षा के लिहाज से जंतर-मंतर को छोड़कर किसी और जगह प्रदर्शन की इजाजत नहीं है और वहां भी लिखित अनुमति लेनी होगी, जो शाम 5 बजे के बाद मान्य नहीं होगी। नियमों को तोड़ने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। इस बीच, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं और उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है और गाड़ियों की गहन जांच हो रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 20 जुलाई के लिए एडवाइजरी जारी की है ताकि आम जनता को आने-जाने में परेशानी न हो। गौरतलब है कि NEET घोटाले को लेकर सीबीआई जांच चल रही है और इससे पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।