Delhi: दिल्ली पुलिस अब सरकारी खर्चों और ईंधन की खपत को कम करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर रही है। पुलिस कमिश्नर Satish Golcha ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए व्यावहारिक कदम उठाएं। यह फ
Delhi: दिल्ली पुलिस अब सरकारी खर्चों और ईंधन की खपत को कम करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर रही है। पुलिस कमिश्नर Satish Golcha ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए व्यावहारिक कदम उठाएं। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
पुलिस विभाग में क्या-क्या बदलाव होंगे?
अब पुलिस स्टेशनों और यूनिट्स में मौजूद ‘डाक’ मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल केवल जरूरी सरकारी कामों के लिए होगा। अगर एक ही कोर्ट या ऑफिस में कई पुलिसकर्मी जा रहे हैं, तो उन्हें एक ही गाड़ी साझा (Carpooling) करनी होगी। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय और मेट्रो से जुड़े दफ्तरों में तैनात कर्मचारियों को नियमित आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
मीटिंग्स और VIP काफिले के नए नियम क्या हैं?
रूटीन रिव्यू और आपसी चर्चा के लिए अब फिजिकल मीटिंग की जगह वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन ने कोशिश की है कि 50% आधिकारिक बैठकें ऑनलाइन हों। साथ ही, VIP और VVIP काफिलों की संख्या को कम किया गया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने खुद अपने काफिले को घटाकर चार गाड़ियां कर दिया है, जिसमें दो इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल हैं।
बिजली बचत और अन्य पाबंदियां क्या हैं?
- दफ्तरों में AC का तापमान 24-26°C के बीच रखना होगा।
- अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- अधिकारियों के मासिक ईंधन भत्ते में 20% की कटौती की गई है।
- एक साल के लिए मंत्रियों और अधिकारियों के सभी विदेशी दौरों पर रोक लगा दी गई है।
- अगले तीन महीने तक बड़े सरकारी आयोजनों में कटौती की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली पुलिस ने ईंधन बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस कमिश्नर ने Carpooling, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो के इस्तेमाल पर जोर दिया है। साथ ही, अधिकारियों के ईंधन भत्ते में 20% की कटौती की गई है और VIP काफिलों की संख्या कम की गई है।
सरकारी मीटिंग्स और दौरों को लेकर क्या नया नियम है?
अब 50% आधिकारिक मीटिंग्स ऑनलाइन या वर्चुअल माध्यम से होंगी। इसके अलावा, अगले एक साल के लिए सभी आधिकारिक विदेशी दौरों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।