Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसा मामला सुलझाया है जो 40 साल पुराना था। पुलिस ने शकरपुर इलाके में अपनी पत्नी की हत्या कर फरार हुए एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार दशकों से अपनी पहचान बदलकर अलग
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसा मामला सुलझाया है जो 40 साल पुराना था। पुलिस ने शकरपुर इलाके में अपनी पत्नी की हत्या कर फरार हुए एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार दशकों से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिप रहा था, लेकिन आखिरकार वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई हत्या
यह घटना 19 अक्टूबर 1986 की है। आरोपी चंद्र शेखर प्रसाद ने पूर्वी दिल्ली के शकरपुर स्थित अपने घर पर अपनी पत्नी की ईंटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह पत्नी के चरित्र पर शक और घर में होने वाले आपसी झगड़े थे। वारदात के समय आरोपी ने घर के एक सहायक को बंदूक की नोक पर बंधक भी बना रखा था। इस मामले में शकरपुर थाने में FIR संख्या 375/1986 दर्ज की गई थी और आरोपी को 1987 में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
आरोपी कहां छिपा था और कैसे पकड़ा गया
आरोपी चंद्र शेखर प्रसाद मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी के समय उसकी उम्र 82 साल है। पुलिस ने उसे 22 अप्रैल 2026 को उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली के अलीपुर स्थित नांगली पूना की एक फैक्ट्री के स्टोर रूम से पकड़ा। वह वहां फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह बिहार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई जगह रहा, रिक्शा चलाया और गिरफ्तारी से बचने के लिए एक आश्रम में भी शरण ली।
पुलिस ने इस पुराने केस को कैसे सुलझाया
इस केस को सुलझाना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी क्योंकि 1986 में डिजिटल रिकॉर्ड या आधुनिक पहचान उपकरण नहीं होते थे। इंस्पेक्टर सुनील कुमार कालखंडे और ACP सतेंद्र मोहन की टीम ने तकनीकी जानकारी और मानवीय खुफिया तंत्र का इस्तेमाल किया। टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की निगरानी की और बिहार में आरोपी के परिवार से जुड़े लिंक खोजे, जिसके बाद उसकी लोकेशन का पता चला और उसे गिरफ्तार किया गया।