Delhi Police ने पकड़ा नकली दवाइयों के गिरोह का मास्टरमाइंड, UP के मुजफ्फरनगर से हुई गिरफ्तारी
Delhi: दिल्ली पुलिस ने नकली दवाइयां बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपी मोहम्मद अक़दस सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस केस में क
Delhi: दिल्ली पुलिस ने नकली दवाइयां बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपी मोहम्मद अक़दस सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस केस में कुल 10 लोग पकड़े जा चुके हैं।
पकड़ा गया आरोपी मोहम्मद अक़दस सिद्दीकी 28 साल का है और वह जामिया मिलिया इस्लामिया से BBA ग्रेजुएट है। वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और 1 अप्रैल से फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कड़ी मेहनत के बाद उसे उसके होमटाउन से दबोचा।
DCP (क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया कि यह गिरोह बड़ी फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयां बना रहा था। ये लोग असली दवाइयों जैसी ही पैकिंग, लेबल, ट्रेडमार्क और रंगों का इस्तेमाल करते थे ताकि कोई पहचान न सके। यह गिरोह चुपके से नकली दवाइयां तैयार करता था और उन्हें थोक विक्रेताओं और रिटेल दुकानदारों को बाजार भाव से करीब 60 प्रतिशत कम दाम पर बेचता था।
इस गिरोह द्वारा बनाई गई नकली दवाइयों में मुख्य रूप से ये शामिल थीं:
- डायबिटिक न्यूरोपैथी के इलाज की दवाइयां
- नसों के दर्द (Nerve Pain) की दवाइयां
- कैल्शियम की कमी दूर करने वाली दवाइयां
- जी मिचलाने (Nausea) और चक्कर आने (Vertigo) की दवाइयां
इन नकली दवाओं की वजह से न केवल बड़ी कंपनियों को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि आम लोगों की सेहत के साथ भी बड़ा खिलवाड़ हुआ। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कच्चा माल और नकली पैकिंग कहां से आ रही थी। साथ ही पैसों के लेन-देन का पता लगाकर इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की जा रही है।