Delhi: दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को अब एक स्पेशल यूनिट का दर्जा दे दिया गया है। इसका मुख्य मकसद पूरे भारत में फैले ड्रग्स के बड़े नेटवर्क और उनके सरगनाओं को पकड़ना है। दिल्ली में पिछले पांच सालों
Delhi: दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को अब एक स्पेशल यूनिट का दर्जा दे दिया गया है। इसका मुख्य मकसद पूरे भारत में फैले ड्रग्स के बड़े नेटवर्क और उनके सरगनाओं को पकड़ना है। दिल्ली में पिछले पांच सालों में ड्रग्स के मामलों में तीन गुना की बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए अब यह यूनिट आधुनिक तकनीकों और खुफिया जानकारी के साथ बड़े ड्रग माफियाओं पर सीधा प्रहार करेगी।
ANTF के पास अब कौन सी नई ताकत होगी?
दिल्ली पुलिस की यह स्पेशल यूनिट अब क्राइम ब्रांच के तहत काम करेगी। इसे और मजबूत बनाने के लिए दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में सातवीं बटालियन कैंपस में एक नई इमारत और पूरा पुलिस स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर दिया गया है। इसके पास अपनी खुद की लॉकअप सुविधा और स्वतंत्र रूप से जांच करने की शक्तियां होंगी। स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली ड्रग्स के लिए एक बड़ा बाजार होने के साथ-साथ ट्रांजिट हब भी है, इसलिए अब ड्रग सिंडिकेट को खत्म करने पर खास जोर दिया जा रहा है। यह टीम अब सीधे ड्रग्स के किंगपिन्स को ट्रैक करेगी।
बीते कुछ समय में ड्रग्स के खिलाफ क्या बड़ी कार्रवाई हुई?
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में एनडीपीएस (NDPS) के मामले 2021 में 566 से बढ़कर 2025 तक 2,154 तक पहुंच गए हैं। पुलिस अब तकनीक का सहारा लेकर अपराधियों तक पहुंच रही है। हाल ही में हुई कुछ बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख/अभियान |
कार्रवाई का विवरण |
| मार्च 29-31, 2026 |
ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत 267 तस्कर गिरफ्तार किए गए। |
| मार्च 29, 2026 |
4.5 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाएं (अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल) जब्त। |
| अप्रैल 1, 2026 |
कोकीन और MDMA बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़। |
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिषेक धानिया के अनुसार, ऑनलाइन ड्रग सप्लाई को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पुलिस अब मोबाइल फॉरेंसिक और डेटा एनालिसिस के जरिए अपराधियों के डिजिटल फुटप्रिंट का पीछा कर रही है। ANTF ने जनता के साथ तालमेल बढ़ाने के लिए अपना नया लोगो, वेबसाइट और न्यूज़लेटर भी लॉन्च किया है।