Delhi: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सस्ते के चक्कर में लोग नकली और पायरेटेड किताबें खरीद रहे हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 20,00
Delhi: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सस्ते के चक्कर में लोग नकली और पायरेटेड किताबें खरीद रहे हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 20,000 से ज्यादा नकली किताबें पकड़ी गईं। इस धंधे में बड़े पब्लिशर्स और लेखकों की मशहूर किताबों की हूबहू नकल तैयार की जा रही थी।
नकली किताबों का यह धंधा कैसे चल रहा था?
पुलिस ने इस मामले में रोहिणी के रहने वाले 67 साल के ज्वाला प्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया है। वह पहले भी ऐसे कामों में शामिल रहा है और उसने छपाई और वितरण का एक बड़ा नेटवर्क बना रखा था। इस नेटवर्क के जरिए अरुंधति रॉय, युवल नोआ हरारी और जेम्स क्लियर जैसे दुनिया के मशहूर लेखकों की किताबों की नकली कॉपियां बाजार में बेची जा रही थीं।
पब्लिशर्स और पुलिस की क्या है कार्रवाई?
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और Penguin Random House India, Simon & Schuster India और Hay House जैसे बड़े पब्लिशर्स के साथ मिलकर की गई। पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी आदित्य गौतम ने कहा कि बौद्धिक संपदा की चोरी को रोकने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। पब्लिशर्स का कहना है कि यह अपराध केवल पैसों का नुकसान नहीं है, बल्कि इससे लेखकों और पूरी क्रिएटिव दुनिया पर बुरा असर पड़ता है।
असली और नकली किताब की पहचान कैसे करें?
Hachette India की मैनेजिंग डायरेक्टर रीति जागुरी ने बताया कि वे पाठकों की मदद के लिए एक खास वेबपेज बना रहे हैं जिससे असली एडिशन की पहचान हो सके। असली किताबों पर होलोग्राम लगे होते हैं और कंपनी अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की भी रोजाना निगरानी कर रही है ताकि वहां नकली किताबें न बिकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में नकली किताबों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मार्च 2026 में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया जिसमें 20,000 से ज्यादा नकली किताबें जब्त की गईं और रोहिणी के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
किन लेखकों की किताबें सबसे ज्यादा नकली पाई गईं?
जब्त की गई किताबों में डैनियल काहनमैन, अरुंधति रॉय, युवल नोआ हरारी, हारुकी मुराकामी और जेम्स क्लियर जैसे बड़े लेखकों के नाम शामिल थे।