Delhi: राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना को लेकर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) अब सख्ती बरतने जा रहा है। अब तक 5.56 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेक
Delhi: राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना को लेकर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) अब सख्ती बरतने जा रहा है। अब तक 5.56 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 6 से 8 हजार महिलाएं ही इसका उपयोग कर रही हैं। डीटीसी अब इस बात की जांच करेगा कि आखिर कार्ड का इस्तेमाल इतना कम क्यों है और जल्द ही इसे अनिवार्य किया जा सकता है।
पिंक सहेली कार्ड क्यों है जरूरी और क्या है नियम
यह कार्ड National Common Mobility Card (NCMC) फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिससे दिल्ली की बसों के साथ-साथ मेट्रो और RRTS नेटवर्क में भी सफर किया जा सकता है। यह सुविधा केवल दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं और 12 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है। इस योजना का मकसद पुरानी पिंक टिकट प्रणाली को खत्म कर तकनीक से जुड़ी सुविधा देना है। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और दिल्ली का एड्रेस प्रूफ जरूरी होता है।
कम उपयोग के कारणों का पता लगाने के लिए होगा सर्वे
डीटीसी एक सर्वे कराने की तैयारी में है ताकि यह समझा जा सके कि महिलाएं कार्ड क्यों नहीं इस्तेमाल कर रही हैं। सर्वे में यह देखा जाएगा कि क्या महिलाओं के पास कार्ड नहीं है, क्या वे दूसरे राज्यों से हैं, या फिर बस कंडक्टर उन्हें कार्ड टैप करने के लिए नहीं कह रहे हैं। मई-जून के महीने में बसों के अंदर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और जुलाई 2026 से मुफ्त यात्रा के लिए इस कार्ड को अनिवार्य किया जा सकता है।
योजना से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| कुल जारी कार्ड |
5.56 लाख |
| वर्तमान सक्रिय यूजर |
6,000 से 8,000 |
| बजट प्रावधान (2026-27) |
450 करोड़ रुपये |
| अनिवार्यता की संभावित तारीख |
जुलाई 2026 |
| आवेदन केंद्र |
58 केंद्र (डिपो, एसडीएम ऑफिस आदि) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें
महिलाएं डीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या पिंक सहेली पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए डीटीसी डिपो, एसडीएम कार्यालय और डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों सहित कुल 58 केंद्रों पर जाकर फॉर्म भरा जा सकता है।
इस कार्ड का लाभ किसे मिल सकता है
यह कार्ड दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है जिनकी उम्र कम से कम 12 वर्ष होनी चाहिए। इसके लिए दिल्ली का एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र अनिवार्य है।