Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नई EV पॉलिसी के तहत अब 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल से चलने वाले नए टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ FADA की रिपोर्ट बताती ह
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नई EV पॉलिसी के तहत अब 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल से चलने वाले नए टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ FADA की रिपोर्ट बताती है कि राजस्थान में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने की रफ्तार दिल्ली और केरल जैसे राज्यों के मुकाबले काफी धीमी है।
दिल्ली में पेट्रोल गाड़ियों पर कब से लगेगी रोक और क्या हैं नियम
दिल्ली सरकार की ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026-2030 के मुताबिक, पेट्रोल टू-व्हीलर्स के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। इसके अलावा अन्य गाड़ियों के लिए भी नियम बदले जाएंगे:
- 1 जनवरी 2026 से डिलीवरी और राइड-हेलिंग जैसी एग्रीगेटर सेवाओं में नए पेट्रोल या डीजल वाहन नहीं चलेंगे।
- 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा।
- पुराने BS4 या उससे पुराने वाहनों को कबाड़ (Scrappage) में देने पर टू-व्हीलर के लिए 10,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा।
EV खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी और छूट
आम लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ी से जोड़ने के लिए सरकार ने सब्सिडी और टैक्स में छूट का प्रावधान किया है। यह लाभ PM E-DRIVE स्कीम के साथ जोड़कर दिए जाएंगे:
| गाड़ी की कीमत/प्रकार |
मिलने वाला लाभ/सब्सिडी |
| 2.25 लाख से कम के टू-व्हीलर |
पहले साल 30,000, दूसरे साल 20,000 और तीसरे साल 10,000 रुपये |
| 30 लाख तक की EV |
31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट |
राजस्थान और अन्य राज्यों में EV की क्या है स्थिति
FADA की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी काफी कम है। राज्यवार स्थिति इस प्रकार है:
- Delhi: 12.7 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है।
- Kerala: यहाँ 12.2 फीसदी EV का इस्तेमाल हो रहा है।
- Maharashtra और Tamil Nadu: यहाँ की हिस्सेदारी 8.4 फीसदी है।
- Rajasthan: राजस्थान इस रेस में पीछे है, यहाँ EV की कुल हिस्सेदारी केवल 7.5 फीसदी है।