Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। तापमान बढ़ने से घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे बिजली की मांग में भारी उछाल आया है। 21 मई 2026 को दिल्ली की पीक पावर डिम
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। तापमान बढ़ने से घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे बिजली की मांग में भारी उछाल आया है। 21 मई 2026 को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,231 MW तक पहुंच गई, जो इस साल मई के पहले 21 दिनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
बिजली की मांग में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?
IMD ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत समेत दिल्ली के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। इस वजह से पिछले कुछ दिनों से बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। लगातार दूसरे दिन दिल्ली की डिमांड 8,000 MW के आंकड़े को पार कर गई है। 20 मई को यह डिमांड 8,039 MW दर्ज की गई थी।
पिछले सालों के मुकाबले कितनी बढ़ी डिमांड?
साल 2026 में गर्मी समय से पहले आ गई, जिससे बिजली की खपत भी बढ़ गई। 1 मई से 21 मई के बीच, 21 में से 16 दिन डिमांड 2025 के मुकाबले ज्यादा रही और 14 दिन 2024 से अधिक रही। आमतौर पर 7,000 MW का आंकड़ा मई में पार होता था, लेकिन इस बार 27 अप्रैल को ही यह 7,078 MW पहुंच गया था। हालांकि, अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड 19 जून 2024 को बना था जब डिमांड 8,656 MW गई थी।
डिस्कॉम्स ने कैसे संभाला लोड?
BSES Rajdhani, BSES Yamuna और Tata Power जैसे वितरण कंपनियों ने बताया कि वे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट और अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था का सहारा लिया है। डिमांड का सही अंदाजा लगाने के लिए AI और ML जैसी नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि बिना किसी रुकावट के बिजली सप्लाई जारी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड कितनी रही है?
दिल्ली की अब तक की सबसे अधिक पावर डिमांड 19 जून 2024 को रिकॉर्ड की गई थी, जो 8,656 MW थी।
क्या 2026 में बिजली की डिमांड 9,000 MW तक जा सकती है?
अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, 2026 में दिल्ली की पीक पावर डिमांड पहली बार 9,000 MW के पार जा सकती है।