Delhi: राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के इंचार्ज मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला फरवरी में भारत मंडपम में हुए ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान
Delhi: राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के इंचार्ज मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला फरवरी में भारत मंडपम में हुए ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने मनीष शर्मा को गिरफ्तारी का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मनीष शर्मा को जमानत क्यों मिली और पुलिस का क्या कहना था?
मनीष शर्मा के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि वह विरोध प्रदर्शन के समय मौके पर मौजूद नहीं थे और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने इस जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मनीष शर्मा इस पूरे प्रदर्शन के मुख्य साजिशकर्ता थे और उन्होंने ही बैठकें बुलाकर इसकी प्लानिंग की थी। पुलिस का यह भी आरोप था कि इस विरोध प्रदर्शन से विदेशी मेहमानों के सामने देश का नाम खराब हुआ।
क्या है यह पूरा मामला और किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
यह मामला 20 फरवरी 2026 का है जब IYC कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में AI समिट के दौरान विरोध जताया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आपराधिक साजिश, लोक सेवक पर हमला और गैरकानूनी जमावड़े जैसी गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी। पुलिस का दावा था कि यह प्रदर्शन नेपाल के ‘जेन जेड मूवमेंट’ से प्रेरित था।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| घटना की तारीख |
20 फरवरी 2026 |
| जमानत की तारीख |
11 अप्रैल 2026 |
| मुख्य आरोपी |
मनीष शर्मा (IYC इंचार्ज) |
| कोर्ट का नाम |
पटियाला हाउस कोर्ट, दिल्ली |
| पुलिस का आरोप |
बड़ी साजिश और लोक सेवक पर हमला |
| IYC का पक्ष |
बेरोजगार युवाओं का गुस्सा |